कमरे में बंद करके 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 12 वर्ष का सश्रम कारावास।

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मनासा। श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा द्वारा एक आरोपी को 15 वर्ष की नाबालिग बालिका को कमरे बंद करके दुष्कर्म़ करने के आरोप का दोषी पाकर 12 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 02 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 11.03.2017 दोपहर के 1 बजे ग्राम बनी की है। पीड़िता 15 वर्ष की अव्यस्क बालिका है। घटना दिनांक को वह पानी भरने के लिए हेंडपंप की तरफ जा रही थी तो रास्ते में आरोपी का घर है उसने पीडिता को बहाने से अपने पास बुलाया, जैसे ही वह उसके पास गई आरोपी ने उसका हाथ पकड़ा और जबरदस्ती खिंचकर उसके घर के अंदर ले गया। आरोपी घर पर अकेला था इसलिए उसने पीडिता को डराकर व जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और लगभग 36 घण्टे तक उसके घर में बंधक बनाकर रखा। दिनांक 12.03.2017 को रात्री के लगभग 1 बजे जब आरोपी कमरे में नही था पीडिता मौका पाकर वहॉ से भाग गई, और उसने उसके माता-पिता, नाना-नानी व मामा को घटना बतायी, जिसके पूर्व ही पीडिता के पिता द्वारा दिनांक 11.03.2017 को पीडिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट लेख करा दी थी। पीडिता द्वारा घटना पुलिस मनासा को बताये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 90/17, धारा 363, 376, 506(2) भादवि तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस मनासा द्वारा पीड़िता का मेडिकल कराकर एवं उसके उम्र संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।
श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता, उसके माता-पिता, पीडिता को नाबालिक प्रमाणित करने के लिए स्कॉलर रजिस्टर प्रस्तुत करने वाले अध्यापक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अव्यस्क बालिका को जान से मारने की धमकी देकर कमरे में बंद करकर उसके साथ दुष्कर्म करने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क रखा गया कि आरोपी द्वारा 15 वर्षीय पीडिता को कमरे में बंद करकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया हैं, इसलिए उदाहरण स्वरूप आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। *श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा* द्वारा आरोपी जगदीश पिता हरिराम मेघवाल, उम्र-28 वर्ष, निवासी-ग्राम बनी, तहसील व थाना-मनासा, जिला-नीमच को धारा 363 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 300रू. जुर्माना, धारा 506(2) भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 200रू. जुर्माना तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में 08 वर्ष के सश्रम कारावास व 500रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 12 वर्ष के सश्रम कारावास व 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। *न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।*

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