अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपी को 17 वर्ष का सश्रम कारावास ।

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जावद। श्री नीतिराज सिंह सिसौदिया, अपर सत्र न्यायाधीश, जावद द्वारा एक आरोपी को महिला का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार करने के आरोप का दोषी पाकर कुल 17 वर्ष के सश्रम कारावास व 10,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 1 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 13.06.2018 की हैं। पीडिता कालबेलियों की समेंल, मोरवन में निवासरत होकर मजदूरी करती हैं। घटना दिनांक को आरोपी पीडिता के घर आया और मजदूरी दिलाने का झांसा देकर बहला-फूसलाकर बस में बैठाकर उसे रूपपुरा रांकावली माताजी के जंगल में ले गया और डरा-धमकाकर पीड़िता की इच्छा के विरूद्ध जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी वापस पीड़िता को रात्री के 8 बजे उसके घर पर छोड़कर चला गया। पीडिता द्वारा उसके साथ हुई घटना उसके माता-पिता को बताई, फिर वह माता-पिता के साथ सरवानिया महाराज पुलिस चौकी पर गई, जहॉ से थाना जावद में पीड़िता द्वारा बताई गई घटना के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 229/2018, धारा 366, 376 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस जावद द्वारा विवेचना के दौरान पीडिता का मेडिकर कराकर, आवश्यक साक्षीयों से पुछताकर, आरोपी को गिरफ्तार कर शेष विवेचना पूर्ण करने के बाद चालान न्यायाल में प्रस्तुत किया गया।

श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से पीडिता, उसके माता-पिता, विवेचक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी द्वारा पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार करने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी द्वारा एक गरीब मजदूर वर्ग की महिला के साथ ऐसा घृणित कार्य किया गया हैं, इसलिए उदाहरणस्वरूप आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री नीतिराज सिंह सिसौदिया, अपर सत्र न्यायाधीश, जावद द्वारा आरोपी कैलाश पिता नारजी भील, उम्र-30 वर्ष, निवासी-ग्राम पड़ाव, थाना-शिवगढ, जिला-रतलाम को धारा 366 भादवि (बलात्कार करने के लिए अपहरण करना) में 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 5000रू जुर्माना व धारा 376(1) भादवि (बलात्कार करना) में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 5000रू जुर्माने से, इस प्रकार आरोपी को कुल 17 वर्ष के सश्रम कारावास व 10000रू जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय द्वारा पीड़िता को जुर्माने की रकम 10000रू के अतिरिक्त मध्यप्रदेश पीडित प्रतिकर योजना, 2015 के अंतर्गत प्रतिकर प्रदान करने की अनुशंसा भी गई। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

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