आचार संहिता में बेखौफ अवैध निर्माण, सरपंच मौन, संबंधित अधिकारी पी रहे हैं कंबल ओढ़ कर घी !

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करण नीमा (बाबा)
नीमच। जिले में आजकल जहां अवैध निर्माण की बात आती है तब सबसे पहले नजर गांव जमुनिया कला पर जाती है ! पूर्व में भी अवैध निर्माण के मामले को लेकर ग्राम पंचायत जमुनिया कला अखबार की सुर्खियों में रहा है । कई शिकायतें ग्रामीणों द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को की गई पर आज तक समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है । इससे यह प्रतीत होता है कि वर्तमान दबंग सरपंच विनोद जयसवाल की साठगांठ से ही इन अवैध कब्जेधारियों को सह मिल रही है । चर्चाओं में सामने आया है कि 21 नंबर गावठाव विवादित भूमि पर पूर्व में भी किसी प्रभावी व्यक्ति द्वारा मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया गया था, परंतु वह निर्माण पूरा नहीं हो पाया और अतिक्रमणकारी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए । यह हुआ गांव के एक जागरूक ग्रामीण के वजह से और उसके द्वारा एक के बाद एक गांव की समस्याओं की शिकायत समय-समय पर संबंधित विभागों में की जाने एवं अधिकारियों को अवगत कराया जाने से । परंतु शिकायत के बाद भी पटवारी, तहसीलदार, गिरदावर, एसडीएम, कलेक्टर सहित अन्य संबंधित अधिकारी अपने कान में तेल डालकर बैठे रहे और उस अधूरे निर्माण का मैटेरियल भी हटवा नहीं पाए । जिसका परिणाम यह है कि आज अतिक्रमणकारियों की तादात गांव में दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और लगभग डेढ़ दर्जन के करीब वर्तमान में बैखौफ अवैध निर्माण बेशकीमती शासकीय भूमि पर अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है । पूर्व सरपंच ने जो किया सो किया पर वर्तमान सरपंच को तो गाँव की जिम्मेदारी दायित्वों को अपने कंधे पर लेने के बाद गांव की विपरीत स्तिथि में सुधार लाया जाना चाहिए । पर वर्तमान सरपंच तो बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह की तर्ज पर काम कर रहे हैं और अतिक्रमणकारियों को खुली छूट और सह दे रहे हैं और पंचायत अनुशासन की धज्जियां उड़ा रहे हैं । अपने दबंगई के चलते गांव में किसी की भी मजाल नहीं जो वर्तमान सरपंच से गांव में हो रहे हैं अवैध निर्माण की जानकारी मांग सके । अनुमान लगाया जा रहा है कि इस अवैधानिक हो रहे कार्यों में सरपंच से लेकर प्रशासन के संबंधित अधिकारी भी अच्छी खासी मोटी रकम अतिक्रमणकर्ताओं से वसूल रहे हैं । ग्रामपंचायत के अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो यह तय है कि इस अवैध निर्माण कार्य के विरोधी आमजन जो वास्तविकता में पात्र हितग्राही है उनके द्वारा विरोध किया जा सकता है एवं विवाद की स्थिति उतपन्न होने पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित हो सकती है । क्योंकि अभी तक जिन अतिक्रमणकर्ताओं ने अपना कब्जा जमाया है उनमें से कहीं जमीदार, व्यवसाई और सरकारी कर्मचारी माने जाते हैं । जहां पात्र लोगों को अपने अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है वहीं सरपंच की सांठगांठ से अपात्र लोगों को मनमर्जी मुताबिक अपना कब्जा जमाने की छूट दी जा रही है । अब देखना यह है किस प्रकाशन समाचार से क्या जिला प्रशासन नींद से जागता है ।

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