इंदौर में वह देखा, जो अब तक पढ़ा या सुना था, हरियाणा ने देखा कचरा रहित शहर

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इंदौर में वह देखा, जो अब तक पढ़ा या सुना था, हरियाणा ने देखा कचरा रहित शहर

नईदुनिया, इंदौर। हरियाणा से मध्य प्रदेश के इंदौर में सफाई देखने आया छह सदस्यीय दल उस समय हैरान रह गया, जब वह एमआर-10 स्टार चौराहा स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंचा। सदस्य जैसे ही वहां दाखिल हुए, उन्हें वहां के कुछ कर्मचारी जमीन पर बैठकर खाना खाते दिखे। स्टेशन की जमीन पर कहीं कचरा नहीं दिखा। वहीं, सदस्यों का कहना था कचरे से खाद, बायो गैस, बिजली और बालों से अमीनो एसिड बनाने के बारे में अब तक पढ़ा तो बहुत था, लेकिन देखा इंदौर में।कचरा ट्रांसफर स्टेशन: खाना खाते कर्मचारियों को देखकर अचरज में पड़ा हरियाणा का दल सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. योगेंद्र मलिक राज्य के पांच अफसरों (दो सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एक जूनियर इंजीनियर, कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड के सचिव, स्वच्छ भारत मिशन के वाइस चेयरमैन) के साथ इंदौर की सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट और कचरे के विभिन्न तरह के उपयोग की जानकारी लेने आए थे। दल ने लोगों से कचरे के संबंध में सवाल किए। लोगों ने बताया कि वे और क्षेत्र के सभी लोग डेढ़ साल से कचरा अलग-अलग करके दे रहे हैं, निगम की गाडि़यां रोज आती हैं। इसके बाद दल ने क्षेत्र में सफाईकर्मियों से उनके आने-जाने के समय और काम के संबंध में जानकारी ली। बालों से अमीनो एसिड बनाने की प्रक्रिया देखी

नंदानगर से दल कचरा ट्रांसफर स्टेशन गया और वार्डो से इकट्ठा होकर आने वाले कचरे को कैप्सूल में भरने की विधि देखी। होटल रेडिसन में सदस्यों ने होटल के गीले कचरे से खाद बनाने की यूनिट देखी। वहां से दल चोइथराम सब्जी मंडी गया, जहां कचरे से बिजली, खाद और बायो सीएनजी बनाने का प्लांट देखा। आखिर में मेहमान अफसर पीपल्यापाला रीजनल पार्क स्थित सेंटर गए। वहां ड्रम कंपोस्टर, मटेरियल रिकवरी सेंट

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