ईदगाह, मस्जिद में सामूहिक तौर पर नही होगी नमाज- इमाम काउंसिल नीमच

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नोशाद अली@कोरोना संकट को देखते हुए देशभर में पिछले 2 महीनों से चल रहा लॉक डाउन, इसी बीच मुस्लिम समुदाय का पवित्र माहे रमजान का महिना जारी है। जिसके चलते इमाम काउंसिल नीमच ने एहम फैसला लिया गया है जिसमे ईदगाह, मस्जिद में सामूहिक तौर पर ईद उल फ़ित्र की नही होगी नमाज। इमाम काउंसिल नीमच के मौलाना नियाज निजामी ने जानकारी देते हुए बताया की सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए बिना जरूरत का सामान को न खरीदते तथा बाजार में भीड़ न बढाए जिस तरह मुस्लिम समुदाय लॉक डाउन का पालन करते हुए पूरे रमजान महीने की इबादत घर पर ही रहकर करते आ रहे है ठीक उसी तरह ईद की नमाज के लिए ईदगाह या मस्जिद न जाते हुए अपने घर पर ही चाश्त की चार रकात नफ़्ल नमाज अदा करें। ईद उल फ़ित्र ऐसी नमाज है जो सिर्फ ईदगाह में या मस्जिद में सामूहिक तौर पर अदा की जाती है तन्हा घर पर नहीं अदा की जाती है तो मुस्लिमजन अपने अपने घरों पर ही चाश्त की 4 रकात नफ़्ल नमाज सूरज निकलने पश्चात अदा करें। मस्जिदों में सिर्फ वह लोग ईद की नमाज अदा करेंगे जो पांच वक्त की नमाज और तरावीह की नमाज के लिए रोजाना आते थे वही मस्जिद में ईद की नमाज अदा करके सबके लिए दुआ करेंगे। उन्होंने आवाम से अपील करते हुए यह भी कहा कि विशेष दुआ हमारे मुल्क के लिए और जो मुल्क के कोरोना योद्धा इस महामारी से शहीद हो गए हैं उनके हक में और डॉक्टर, प्रशासन सहित अन्य संस्था है जो लोग भी इस मुल्क के अंदर इस बीमारी के चलते सेवा के लिए लगे हुए हैं सबके लिए दुआ करें। हमारा यह वतन अमन शांति वाला फिर से बन जाए क्योंकि ईद के दिन दुआएं कबूल होती है प्रशासन का पूरा सहयोग करें, किसी को तकलीफ ना पहुचाई जाए इस बात विशेष ध्यान रखा जाए। भाईचारा और मोहब्बत के साथ और सादगी के साथ ईद मनाए फिजूलखर्ची से बचें किसी भी तरह की फिजूल शॉपिंग ना करें कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुआ है आगे भी और हालात खराब हो सकते हैं इसलिए जो भी आपके पास पैसा है उसको अपने लिए बचा के रखिए अपने आसपास जो भी गरीब है परेशान है उसकी मदद करिए। इस मुकद्दस माह में जकात, सदका व खैरात अदा करने का विशेष एहतिमाम साथ ही लॉक डाउन के कारण परेशान लोगो की अधिक मदद की जाए।

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