एक दिवसीय हज ट्रेनिंग कैंप सम्पन्न।

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@हबीब राही-जावद।हज एक ऐसा फर्ज है जो मालदार मुसलमान को जिदगी में एक बार ही नसीब होता है। हज अरबी का शब्द है, जिसके अर्थ दर्शन करना है। हज कुछ दुआओं व अदाओं को कहा जाता है। हज को किताबी शकल में पढ़ना अलग चीज है व हज की ट्रेनिग लेना अलग बात है। इस उद्देश्य तहत सैयद मोहम्मद आक़िल अख्तर क़ादरी शहर क़ाज़ी जावद मध्यप्रदेश के प्रयत्नों से 20 जून को नीमच दरवाजा मस्जिद जावद में एक दिवसीय हज तरबियत कैंप का आयोजन किया ।समय सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक रहा।प्रशिक्षण के दौरान काबे के तवाफ, शैतान को मारी जाने वाली कंकरी, आराफात के मैदान में होने वाली भीड़ के आराकान हज के आदायेगी के लिये सतर्कता बरतने के तौर, तरीके पर भी प्रकाश डाला जाएगाइसमें अहल-ए-इलम हजरात हज के लिए जाने वाले हाजियों को जरूरी जानकारी व ट्रेनिग के साथ सरफबाज फरमाया।

जिसमें नीमच,जावद,नयागांव, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, कपासन और आसपास के आजमीन शिरकत की।इस अवसर पर प्रेक्टिकल हज का तरीका समझाने के लिए इंतज़ाम किए गए।

ऑनलाइन भी ले सकते हैं हज ट्रेनिंग :

इस अवसर पर हज की बारीकियों के साथ हज के अरकान समझाने वाला वीडियो जारी किया गया और बड़े स्क्रीन पर दिखाया भी जाएगा।यह वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया है,बज़्म ए क़ादरी के यूट्यूब पेज पर विडियो देखा जा सकता है।

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