कुर्क संपत्ति की अमानत में खयानत करने वाले आरोपी को सश्रम कारावास एवं जुर्माना।

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नीमच। श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को न्यायालय के आदेश से सुपुर्दगी पर दी गई संपत्ति की अमानत में खयानत करने के आरोप का दोषी पाते हुए सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया गया । जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अपर जिला न्यायाधीश श्री ओ.पी.एस. रघुवंशी, जिला नीमच के न्यायालय में सिविल वाद घीसालाल विरूद्ध मांगीलाल में न्यायालय द्वारा मांगीलाल के विरूद्ध 43,949रू. की वसूली का आदेश पारित किया था, जिसकी वसूली के लिए घीसालाल ने न्यायालय में आवेदन पेश किया था। न्यायालय द्वारा वसूली की कार्यवाही किये जाने के पूर्व ही मांगीलाल की मृत्यु हो जाने से उसकी संपत्ति के वारिस उसके पुत्र मुकेश से वसूली किये जाने के लिए निर्देशित किया था, जिसके पालन में न्यायालय के कर्मचारी द्वारा मुकेश से एक पानी की मोटर, पनडुब्बी तथा लोहे के पाईप को कुर्क किया जाकर उसको इस शर्त के साथ सुपुर्दगी पर दिया कि न्यायालय के द्वारा आदेश करने पर कुर्क संपत्ति को न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके पश्चात् न्यायालय द्वारा मुकेश को कुर्क संपत्ति को न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने का नोटिस देने के बावजूद भी उसके द्वारा संपत्ति को न्यायालय में प्रस्तुत नही कर अमानत में खयानत की गई, जिस कारण उसके विरूद्ध पुलिस थाना जीरन में अपराध क्रमांक 170/13, धारा 406 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर, विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । अभियोजन पक्ष की ओर से अपराध को प्रमाणित किये जाने हेतु आरोपी पर नोटिस तामिल कराने वाले न्यायालय के कर्मचारी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर, अपराध प्रमाणित कराया गया। श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डिधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी मुकेश पिता मांगीलाल गुर्जर, उम्र-38 वर्ष, निवासी-ग्राम पीराना, जिला नीमच को धारा, 406 भादवि (अमानत में खयानत करना) के अंतर्गत 10 दिवस के सश्रम कारावास एवं 2,000रू.जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से श्रीमती कीर्ति शर्मा, एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई।

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