गरीब परिवार को कार से कुचलने वाले विपुल गर्ग को तीन वर्ष की कैद।

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नीमच । शराब के नशे में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए पुलिया के पास सोए हुए बाबूलाल गाडोलिया व उसके परिवार पर कार चढ़ाकर उनकी मृत्यु कारित करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश श्री जसवंत यादव ने आरोपी विपुल अजमेरा को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई ।

जिला लोक अभियोजक श्री मनीष जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि चार वर्ष पूर्व दिनांक 17-5-2015 को जवाहर नगर निवासी विपुल अजमेरा ने अपनी कार क्रमांक आर.जे. 27 सीडी 4781 को तेज व लापरवाही से चलाते हुए मंडी रोड के समीप स्थित पुलिया के पास सो रहे बाबूलाल गाडोलिया व उनकी पत्नी श्रीमती शांतिबाई गाडोलिया तथा बालक तूफान, रेणु व पूजा को गंभीर रूप से घायल कर दिया , उक्त दुर्घटना में बाबूलाल व शांतिबाई की मृत्यु हो गई, जिस पर पुलिस थाना बघाना ने अपराध कायम करते हुए आरोपी विपुल अजमेरा पर धारा 279, 337, 338, 304 ए, 304, 308 भादवी व मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181, 5/181, 134/177, 39/192, 146/196 व वाहन मालिक श्रीमती मैना अजमेरा पर मोटरयान अधिनियम की धारा 180 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

मामला विचारण न्यायालय में पहुचा। जहां अभियोजन की ओर से यह तर्क दिया कि आरोपी विपुल ने शराब के नशे में वाहन चलाकर बाबूलाल, शांतिबाई की मृत्यु कारित की व तूफान, रेणु व पूजा को घोर उपहति कारित की वही विपुल अजमेरा के पास ड्रायविंग लाइसेंस भी नही था। आरोपी मैना ने यह जानते हुए की विपुल के पास लायसेंस नही है उसे वाहन चलाने दिया ऐसे में आरोपीगण को सख्त सजा दिए जाने का निवेदन किया। आरोपी अधिवक्ता ने अपने बचाव में कई तर्क दिए। प्रकरण एम उभयपक्षो के तर्क सुनने के बाद न्यायालय श्रीमान अपर सत्र न्यायाधीश श्री जसवंत यादव ने आरोपी विपुल अजमेरा को धारा 304 में तीन वर्ष व पांच हजार रुपया अर्थदंड, जिसे अदा न किये जाने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 308 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार का अर्थदंड, जिसे जमा न किये जाने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास व मोटरयान अधिनियम धारा 3/181 में तीन माह का कारावास व पांच सौ रु अर्थदंड व अदा न किये जाने पर 10 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई । वही आरोपी मैना जैन की ओर से यह तर्क दिया गया कि उसके छोटे छोटे बच्चे है उनका पालन पोषण करने वाला घर पर कोई नही है। अतः दंड में उदारता बरती जाने का निवेदन किया। न्यायालय ने आरोपी मैना जैन पति सिध्दार्थ जैन को मोटरयान अधिनियम की धारा 180 के तहत 1000 रुपए का अर्थदंड से दण्डित किया। अर्थदंड जमा न किये जाने पर 10 दिन के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई।

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