गौ तस्कर को 12 माह का कठोर कारावास ।

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नीमच। श्री मनीष कुमार पारीक, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को वध हेतु गौ तस्करी करने के आरोप का दोषी पाकर 12 माह के कठोर कारावास एवं 6050रू. जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 06 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 19.03.2013 की हैं। पुलिस नीमच केंट को दोपहर 03 बजे मुखबीर सूचना मिली की नयागांव की तरफ से एक कन्टेनर में वध हेतु गाय व बछड़ों को महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा हैं। सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस नीमच केंट ने फोर्स सहित भरभडिया फंटा बायपास पहुँचकर नाका बंदी की, तब मुखबीर द्वारा बताया गया कंटेनर आता हुआ दिखा जो पुलिस को देखकर थोडी दूर पहले ही रूक गया और उसमें से एक व्यक्ति निकलकर भाग गया। पुलिस ने घेरा बंदी कर ड्रायवर को पकड़ा तथा कंटेनर को खोलकर देखा तो उसमे कुल 57 गाय व केडे़ निर्दयतापूर्वक ठूंस ठूंस कर भरे हुए थे जिसमें से 04 केडे मृत्य हो चुके थे व 11 पशु चोटग्रस्त हालत में थे। पुलिस द्वारा कंटेनर जप्त कर आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना नीमच केंट में अपराध क्रमांक 156/13, धारा 11 म.प्र. कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 1956, धारा 6 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 तथा धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना उपरांत दो आरोपी असलम व रेणु के विरूद्ध फरारी में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

श्रीमती कीर्ति चाफेकर, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में नीमच केंट पुलिस फोर्स, पंचानो सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी द्वारा क्रूरतापूर्वक वध हेतु अवैध गौवंश का परिवाहन किया जिससे 04 केडे मर भी गये, इसलिए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री मनीष कुमार पारीक, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी बाबू उर्फ मुबारिक पिता मुस्ताक मुसलमान, उम्र-27, निवासी-ग्राम मुल्तानपुरा, जिला नीमच को धारा 11 म.प्र. कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 1956, धारा 6 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 तथा धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 (गौवंश का वध हेतु परिवहन करना) में कुल 12 माह के कारावास व 6050रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्रीमति कीर्ति चाफेकर, एडीपीओ द्वारा की गई।

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