चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण

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-प्रेसनोट-

*अवैध संबंधो के चलते हत्या करने वाले दो आरोपियों को आजीवन कारावास तथा लाश छुपाने में मदद करने वाले एक आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास।*

मनासा। श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा द्वारा महिला से अवैध संबंध के विवाद के कारण हत्या करके लाश को छुपाने के आरोप का दोषी पाकर दो आरोपीयों को आजीवन कारावास व कुल 1500-1500रू जुर्माना तथा एक आरोपी को लाश छुपाकर साक्ष्य नष्ट करने के मदद करने के आरोप का दोषी पाकर 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 5,00रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 7 वर्ष पुरानी ग्राम नीलिया, थाना मनासा की हैं। दिनांक 11.12.2012 को रात्री के लगभग 8 से 9 बजे के बीच आरोपीगण चेनराम व कमलेश मिलकर लाठी व कुल्हाडी से मारकर खुमानसिंह की हत्या करके उसकी लाश को जानकीराम के खेत में रायड़े की फसल में छुपा देते हैं। घटना के अगले दिन दोनो आरोपीयों के साथ मिलकर एक और आरोपी कालुराम लाश को पन्नी में लपेटकर ग्राम पलासिया के जंगल में अमलतास के पेड. की डगालों से ढक कर छुपा देते हैं। दिनांक 17.12.2012 को चरवाहों और गांववालों को बदबु आने पर लाश देखे जाने पर पुलिस को सूचना दी। लाश सड़ जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई, जिससे लाश को दफना दिया जाता हैं। मर्ग जॉच के दौरान लाश में से जप्त सामान व जूतो को मृतक के परिवार के सदस्यों द्वारा मृतक को पहचाना जाता हैं तथा लाश को पुनः निकालकर डी.एन.ए. परीक्षण से मृतक की पुख्ता पहचान की जाती हैं। मर्ग जॉच के आधार पर अपराध क्रमांक 355/2012 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता हैं। विवेचना के दौरान कॉल डिटेल व अन्य गवाहों के कथन से यह स्पष्ट हो गया कि अहिल्याबाई नाम की महिला से आरोपीगण चैनराम, कमलेश व मृतक खुमानसिंह के अवैध संबंधों के परिणाम स्वरूप उपजे विवाद के कारण दोनो आरोपीगण द्वारा खुमानसिंह की हत्या की गई तथा आरोपी कालूराम द्वारा साक्ष्य को नष्ट करने के उद्दैश्य से लाश को छुपाने में सहायता की गई। पुलिस मनासा द्वारा विवेचना पूर्ण कर तीनों आरोपीयों के विरूद्ध धारा 302, 201, 34 भादवी के अंतर्गत चालान न्यायाल में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसको जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित किया गया।

श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से कॉल डिटेल को प्रमाणित करने वाले साईबर एक्सपर्ट व अन्य महत्वपूर्ण साक्षीगण सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर व डी.एन.ए. रिपोर्ट की वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध हत्या कर साक्ष्य नष्ट करने के उद्दैश्य से लाश को छुपाने के के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपीगण द्वारा अवैध संबंधों के चलते हत्या की गई हैं, इसलिए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। *श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा* द्वारा आरोपीगण (1) चेनराम पिता भंवरलाल पाटीदार, उम्र-36 वर्ष व (2) कमलेश पिता मुन्नालाल हरिजन, उम्र-24 वर्ष, दोनो निवासी ग्राम निलिया, जिला नीमच को धारा 302/34 भादवि (एकमत होकर हत्या करना) में आजीवन कारावास व 1000-1000रू जुर्माने से तथा धारा 201 भादवि (साक्ष्य नष्ट करना) में 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500-500रू जुर्माने से दण्डित किया तथा आरोपी (3) कालूराम पिता हजारी बंजारा, उम्र-26 वर्ष, निवासी-ग्राम कुण्डला, थाना रतनगढ, जिला नीमच को धारा 201 भादवि (साक्ष्य नष्ट करना) में 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500रू जुर्माने से दण्डित किया। *न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

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