छोटी बालिकाओ को बाड़े में कैद करने वाले आरोपी को सश्रम कारावास

0
478

नीमच। श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), नीमच (म.प्र.) द्वारा एक आरोपी को छोटी बालिकाओ को पढ़ने जाने से रोककर, अपने बाड़े में कैद करने के आरोप का दोषी पाते हुए 02 दिन का सश्रम कारावास और 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 15.03.16 को सुबह 10 बजे ग्राम बर्डिया, तहसील मनासा, नीमच की हैं, उक्त दिनांक को कारूलाल ने इस बात की रिपोर्ट लिखाई कि उसकी पोती अंकिता, कुसुम व चेतना सुबह सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल पढ़ने गई थी, कारूलाल को दोपहर 3 बजे आचार्यजी ने खबर भेजी कि, आज उनकी बच्चिया स्कूल पढ़ने नही आयी हैं, इस पर बच्चियों की तलाश की गई, तलाश करने पर तीनों बच्चिया आरोपी अमृतराम रावत के बाड़े से बाहर निकली, कारूलाल ने बच्चियो से पूछा कि आज स्कूल क्यो नही गयी हो ?, तब बच्चियो ने बताया कि अमृतराम हम तीनो को जबरन बाड़े में घेर कर रोक रखा था। घटना की रिपोर्ट कारूलाल द्वारा आरक्षी केन्द्र मनासा, में अपराध क्रमांक 78/16 में लेखबद्ध कराई गयी व शेष विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपराध की प्रकृति देखते हुए शासन ने प्रकरण को छोटी बच्चियों के साथ उम्रदराज व्यक्ति द्वारा किये जाने के कारण अपराध को जघन्य एवं सनसनीखेज चिहिन्त किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक के.पी.एस. झाला द्वारा न्यायालय में अपराध को प्रामाणित किये जाने हेतू फरियादी व अन्य आवश्यक गवाहों के बयान कराये गये तथा यह तर्क रखा गया कि बालिकाओ पर हो रहे अपराध से समाज पर होने वाले प्रभाव को देखते हुए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। अभियोजन साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी ठहराया गया। श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), नीमच (म.प्र.) द्वारा आरोपी अमृतराम पिता रामलाल रावत, निवासी-ग्राम बर्डिया, थाना मनासा, जिला-नीमच की उम्र 80 वर्ष को देखते हुए धारा 342 भादवि के अंतर्गत 02 दिन का सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से श्री के.पी.एस. झाला, विशेष लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here