जाति सूचक शब्दो से अपमानित कर मारपीट करने वाली एक महिला को 06 माह का सश्रम कारावास व जुर्माना।

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नीमच। श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), नीमच (म.प्र.) द्वारा एक आरोपी महिला को दुसरी महिला को जाति सूचक शब्दो से अपमानित कर उसके साथ मारपीट करने के आरोप का दोषी पाकर 06 माह के सश्रम कारावास और 500रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 23.09.16 को सुबह 07ः00 बजे होली चोक, डिकेन में फरियादीया फकीरीबाई का घर है। घटना दिनांक को आरोपीया गीताबाई ने फरियादीया फकीरीबाई के घर के बाहर आकर जोर-जोर से जाति सूचक शब्द चिल्लाने लगी, फकीरीबाई ने मना करा तो आरोपिया ने उसके साथ मारपीट करी, तब भूपेन्द्र, सोनू व राहुल ने बीच-बचाव किया। फरियादीया ने इस घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना अजाक में की, जिस पर से अपराध क्रमांक 07/16 पंजीबद्ध हुआ। पुलिस अजाक द्वारा विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक के.पी.एस. झाला द्वारा न्यायालय में अपराध को प्रामाणित किये जाने हेतू फरियादीया व अन्य आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया व आरोपिया को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने हेतु निवेदन किया गया। श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), नीमच (म.प्र.) द्वारा आरोपिया गीताबाई पति लालाराम गुर्जर, उम्र-37 वर्ष, निवासी- ग्राम डिकेन, तहसील जावद, जिला-नीमच को धारा 3(2)(अ)(ं) अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार) निवारण अधिनियम में 15 दिन के सश्रम कारावास व 250 रुपयें जुर्मानें तथा धारा 3(2)(त)(े) अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार) निवारण अधिनियम में 06 माह के सश्रम कारावास व 250 रुपयें जुर्माने, इस प्रकार आरोपियां को कुल 6 माह 15 दिन के सश्रम कारावास व कुल 500 रुपयें जुर्माने से दंडित किया साथ ही व जुर्माने की राशि में से 400 रुपयें फरियादीयां को प्रतिकर के रुप में प्रदान करने का आदेश भी पारित किया। न्यायालय में शासन की ओर से श्री के.पी.एस. झाला, विशेष लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।

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