जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को 01 वर्ष का कारावास व जुर्माना ।

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नीमच। सुश्री शीतल बघेल, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप का दोषी पाकर 01 वर्ष के कारावास व 1,000रू. जुर्मानें से दण्डित किया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी श्यामसिंह को जिला दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा पारित जिलाबदर के आदेश क्रमांक 72/2013 द्वारा 09 माह की अवधी के लिए जिला नीमच की सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया था। दिनांक 17.01.2014 को दिन के लगभग 03ः00 बजे पुलिस जीरन को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि जिलाबदर आरोपी श्यामसिंह ग्राम चिताखेडा तिराहा पर आया हुआ है, सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस जीरन मय फोर्स काराबाबजी तिराहा, ग्राम चिताखेडा पर पहुॅची, जहॉ आरोपी खड़ा मिला। पुलिस द्वारा उसे जिलाबदर के आदेश के उल्लंघन का दोषी पाकर गिरफ्तार किया व थाना जीरन में उसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 14/2014, धारा 15/16 म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 एवं धारा 188 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत पुलिस द्वारा चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान पुलिस फोर्स व पंचसाक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। दण्ड के प्रश्न पर श्री चंद्रकांत नाफडे, एडीपीओ द्वारा तर्क दिया गया कि आदतन अपराधियो को ही आपराधिक गतिविधिया रोकने के लिए जिलाबदर किया जाता हैं तथा आरोपी ने निश्चित ही गंभीर अपराध करने के उद्दैश्य से जिले की सीमा में प्रवेश किया होगा, इसलिए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किया जाए। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर सुश्री शीतल बघेल, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी श्यामसिंह पिता परतेसिंह राव, उम्र-38 वर्ष, निवासी-ग्राम चिताखेडा, जिला-नीमच को धारा 15/16 म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 एवं धारा 188 भादवि में 01 वर्ष के कारावास व कुल 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री चंद्रकांत नाफडे, एडीपीओ द्वारा की गई ।

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