टायर फैक्टरी के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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— मामला चीताखेडा रोड पर तीन गांव के पास संचालित हो रही टायर फैक्टरी का, कभी भी घट सकती है मंदसौर जैसी घटना,संचालक ने फर्जीवाडा कर सील फैक्टरी को वापस शुरू करवाया, प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान
नीमच। चीताखेडा रोड पर एक माह से अधिक समय तक बंद पडी फैक्टरी को फिर से चालू करने को लेकर मामला गरमा गया है तीन गांव के बीच यह फैक्टरी संचालित हो रही है। टायर जलाने  पर निकलने वाला धुआं ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है और ग्रामीण गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे है। यही नहीं अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो मंदसौर के समीप टॉयर फैक्टरी में आग जैसी घटना भी घटित हो सकती है। सोमवार को किसान ऋण माफी सम्मेलन में ग्रामीण पहुंचे और प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराडा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने संबंधितों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
चीताखेडा रोड पर कराडिया और रामनगर के बीच जयपुर निवासी द्वारा टायर फैक्टरी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। पूर्व में प्रदूषिण बोर्ड उज्जैन को शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत पर फैक्टरी को सील कर दिया गया था। प्रदूषण बोर्ड के मापदंडों के अनुसार फैक्टरी में सुरक्षा के साथ—साथ धूएं को आसमान तक भेजने के लिए बडी चिमनी लगाना चाहिए, लेकिन यहां पर कोई ऐसे संसाधन नहीं है। धुआं रामनगर, टिक्कीरूंडी, कराडिया महाराज में फैलता है और श्वांस, ब्लड केंसर जैसी घातक बीमारियां फैल रही है। करीब एक माह पूर्व फैक्टरी को फिर से चालू कर दिया गया। फैक्टरी के संचालक द्वारा फर्जीवाडा कर गलत रिपोर्ट पेश की गई है। 9 जनवरी को एसडीएम नीमच में भी आवेदन दिया गया था। फैक्टरी के संचालन से लोग बीमार तो पड ही रहे है साथ ही फैक्टरी से निकलने वाला जहरीला पानी हर्कियाखाल बांध में पहुंच रहा है। नीमच शहर के लोग यह बांध का पानी पी रहे है। शहर के लोगों के स्वास्थ्य  पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है। जन स्वास्थ्य की दृष्टि से फैक्टरी को तुरंत बंद किया जाना आवश्यक है। लेकिन प्रभावशील फैक्टरी मालिक के हथकंडे के कारण कुछ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ठीक इसके विपरीत शिकायत करने वाले ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे, झूठी शिकायतें दर्ज की जा रही है।

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