टीआई हितेश पाटिल के छह लाख रुपए लेने के मामले में सीएसपी करेंगे जांच

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नीमच। अफीम तस्करी का गढ़ माने जाने वाले नीमच और मंदसौर जिले में पुलिस का भ्रष्टाचार भी चरम पर होता है, इसकी एक बानगी और देखने को मिली है। मंदसौर के एक युवक ने उज्जैन आईजी को पूर्व पदस्थ नीमच सिटी थाना प्रभारी हितेश पाटिल द्वारा मादक पदार्थ तस्करी में झूठा फंसाने के नाम पर छह लाख रुपए एंठने की शिकायत की है। जिसकी जांच डीजीपी ने नीमच के सीएसपी राकेश मोहन शुक्ल को सौंपी है। जल्द ही बयान और जांच के लिए टीआई हितेश पाटिल को नीमच बुलाया जाएगा।
शिकायत के अनुसार मंदसौर जिला के तहसील मल्हारगढ़ ग्राम सोनगरा निवासी उदयसिंह पिता नोक सिंह सौंधिया राजपूत ने शिकायत दी है कि दिनांक 20 मई 2017 को उसके भाई जसवंत सिंह पिता नोक सिंह को फोन लगाकर तत्कालीन नीमच सिटी थाना प्रभारी हितेश पाटिल ने बुलवाया और कहा कि डोडाचूरे प्रकरण में उसका नाम आ रहा है। जब प्रार्थी द्वारा थाने पर आकर जानकारी ली गई तो बताया गया कि डोडाचूरा के साथ पकड़ाए मोबाइल कॉले डिटेल के आधार पर जसवंत सिंह आरोपी बन रहा है। तब प्रार्थी ने स्पष्ट किया कि उसका भाई निर्दोष है, उसके ,ारा कोई डोडेचूरे का लेनदेन नहीं किया गया है। थाना प्रभारी हितेश पाटिल नहीं माने और धमकी दी कि जसवंत सिंह के साथ तुम सब परिवारजन को भी आरोपी बना दूंगा। दिनांक 21 मई 2017 को उनके द्वारा एक सिपाही गांव में भेजकर धमकाया गया। जिससे परिवारजन काफी भयभीत हो गए। दिनांक 22 मई 2017 को प्रार्थी उसके जीजा सज्जन सिंह द्वारा नीमच सिटी थाने पर आकर टीआई हितेश पाटिल से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि तुम आज ही ६ लाख की व्यवस्था कर मुझे देा तो तुम्हारे भाई जसवंत सिंह का नाम केस से निकाल दूंगा। नहीं तो तुम्हारे घर पर बार-बार दबिश देकर सबको परेशान कर दूंगा। उक्त धमकी से भयभीत होकर प्रार्थी उदयसिंह ने अपने ट्रेक्टर को उस समय हीरालाल बंजारा को साढे ३ लाख रुपए में बेच दिया। जीजा सज्जन सिंह से डेढ़ लाख रुपए लिए और भाई जसवंत सिंह ने एक लाख रुपए दिए। इस प्रकार छह लाख रुपए कर दिनांक 23 मई 2017 को प्रार्थी और उसके जीजा दोपहर १२ बजे करीब नीमच सिटी थाने पर आकर टीआई हितेश पाटिल से थाने में मिले और चर्चा की तो उनके अधीनस्थकार्यरत एएसआर्ठ नाहरसिंह व सिपाही प्रदीप चौधरी बचे क्रमांक ५७ को बुलाकर प्रार्थी से मुलाकात करवाई व काह कि आप छह लाख रुपए नाहरसिंह के मरे जाकर गिनवाकर उन्हें सौंप दो, आपका काम हो जाएगा। उसके बाद वह नाहर सिंह व प्रदीप चौधरी के साथ पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित कॉलोनी में उनके निवास के कमरे पर गए व उनके कमरे पर छह लाख रुपए गिनवाकर सौंपे। उसके बाद वापस टीआई हितेश पाटिल से मिले और बोल कि आप निश्चित होकर चले जाओ, आपका काम हो गया है। आपका इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है।
6 लाख हड़पकर झूठा प्रकरण दर्ज कर आरोपी बना दिया
प्रार्थी उदय सिंह ने बताया कि अभी विगत कुछ दिन बाद पता चला है कि पुलिस थाना नीमच सिटी से प्रार्थी के गांव में सरपंच को एक पत्र दिनांक 22 अगस्त 2019 का प्राप्त हुआ। जिसमें यह ज्ञात हुआ कि प्रार्थी के भाई जसवंत सिंह को पुलिस थाना नीमच सिटी के अपराध क्रमांक 202/2017 में आरोपी बना दिया गया है। जबकि प्रार्थी का भाई निर्दोष होकर उसका इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। इस प्रकार तत्कालीन टीआई हितेश पाटिल व उनके सहयोगी नाहरसिंह व प्रदीप चौधरी ने धोखाधड़ी कर प्रार्थी व उसके भाई से छह लाख रुपए हड़प कर लिए। यह राशि उनसे वापस दिलाई जाए और उनके विरू प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए।
इनका यह कहना है
नीमच सिटी थाने में पूर्व में पदस्थ टीआई हितेश पाटिल द्वारा एनडीपीएस के मामले में 6 लाख रुपए हड़पने की शिकायत मिली है। जिसकी निष्पक्ष गहनता से जांच की जाएगी। शिकायत सिद्ध होने पर आरोपी टीआई के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई भी जाएगी।
– राकेश मोहन शुक्ल, सीएसपी नीमच।

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