तिरंगे में लिपटा पिपलिया मंडी के सपुत भिम सिंह के अंतिम दर्शन के लिए जन सेलाब उमड़ा।

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पिपलिया स्टेशन। गांव रुपी के सैनिक कंुवर भीमसिंह राठौड़ के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा, सैन्य सम्मान के साथ बुधवार को उनकी अन्त्येष्टि गांव में हुई। जानकारी के अनुसार उधमपुर (जम्मू) में पिछले 14 वर्ष से पदस्थ, 33 वर्षीय रुपी निवासी भीमसिंह राठौड़ फरवरी माह में चोंटिल होने के बाद कोमा में थे। इसके बाद उनका इलाज चण्डीगढ़ (पंजाब) सैनिक अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। भीमसिंह की पार्थिव देह एबूलेंस से बुधवार को पिपलिया फोरलेन ब्रिज के पास पहंुची, यहां अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। तिरंगे में लिपटे ताबूत में सैनिक की देह को फोरलेन से चार किलोमीटर दूर गांव रुपी ले जाया गया।

यहां विधायक जगदीश देवड़ा, विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याक्षी रहे श्यामलाल जोकचन्द्र, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानसिंह माछोपुरिया, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश दीक्षित, युकां लोकसभा अध्यक्ष सोमिल नाहटा, भाजयुमो नेता भरत जोशी, भगतराम चड़ावत, मुकेश निडर, हरिप्रसाद गेहलोत, अशोक खिंची, नरेन्द्र जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों, समाजजनों, सैनिकों व सेवानिवृत सैनिकों ने भीमसिंह की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए। सम्पवेल के पास उनके कृषि फार्म पर सैन्य सम्मान के साथ अन्येष्टि हुई।

कृषक परिवार से थे भीमसिंह:-

भीमसिंह किसान परिवार से थे। वे उनके दादा, माता-पिता, भाई, पत्नी व प्रायमरी में अध्ययनरत दो बेटे वैभवसिंह व किशनसिंह को छोड़ गए। भीमसिंह का विवाह करीब 15 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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