दस हजार इनाम के लिए एक लाख की अफीम !

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नीमच । नीमच में पिछले दो दिनों से एक प्रतिष्ठित परिवार के युवक को अफीम तस्करी में झूठा फंसाने का मामला सुर्खियों में है । पहले दिन पूरे शहर में एक बड़े प्रतिष्ठित परिवार के युवक अक्षय गोयल के अपहरण की अफवाह फैलती है और पूरे जिले में सनसनी मच जाती है वही छह घंटे बाद यह पता चलता है कि वह युवक जावद पुलिस की गिरफ्त में है । मामला सामने आता है अफीम तस्करी का और रात होते-होते पुलिस युवक को क्लीन चिट दे कर छोड़ देती है । पुलिस मीडिया एवं आमजन के सामने यह थ्योरी प्रस्तुत करती है कि अक्षय गोयल एक प्रतिष्ठित परिवार का युवक है उसे कुछ लोगों द्वारा झूठा फंसाने का षड्यंत्र गया और इसी तारतम्य में उसकी गाड़ी में अफीम छुपा दी गई । इस पूरे मामले को लेकर अब राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव एडवोकेट अमित शर्मा ने पुलिस की थ्योरी पर प्रेस नोट जारी कर सवाल उठाए हैं उन्होंने अपने प्रेस नोट में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस पर मीडिया का दबाव बड़ा तो पुलिस मामले में खुलासा करने का दावा करते हुए सार्वजनिक क्लब के चौकीदार को गिरफ्त में लिया है और यह थ्योरी प्रस्तुत की है कि चौकीदार ने इनाम के लालच में अक्षय गोयल नाम के युवक को फंसाने का षड्यंत्र रचा । अब बड़ी बात यह है कि दो नंबर में अफीम की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपए के लगभग आती जाती है ऐसे में एक चौकीदार लगभग 1 किलो अफीम लेकर लाख डेड लाख रुपये मात्र दस हजार रुपये के इनाम के लिए खर्च करेगा ? फिर वही सवाल सामने आता है कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका क्या है ? नीमच हमेशा से ही अफीम डोडा चूरा तस्करी का गढ़ रहा है पुलिस पर भी कई बार एनडीपीएस के प्रकरणों में अवैध वसूली करने के आरोप लग चुके हैं । कई बार पुलिस पर कई लोगों को झूठा फंसाने के भी आरोप लगे हैं । इस हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एनडीपीएस के अधिकतर प्रकरणों में कोरियर के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले युवक ही सजा काट रहे हैं और जो यह तस्करी का बड़ा खेल करते हैं वह अपने रसूख एवं पैसों के बल पर पुलिस की गिरफ्त से हमेशा ही दूर रहते हैं ।
तो फिर क्या पुलिस मुखबिर तस्कर सिंडिकेट द्वारा यह कार्यवाही अवैध वसूली के लिए की गई थी ! हो सकता है कि षड्यंत्रकारियों को भी यह अंदाजा नहीं होगा की यह पूरा मामला इस प्रकार से सुर्खियों में आ जाएगा और उनके द्वारा रचे गए षड्यंत्र का भांडा इतनी जल्दी फूट जाएगा की उनके उगाही करने के इरादे धरे के धरे रह जाएंगे ?
सीधे तौर पर यह कहा जाए कि पुलिस द्वारा जिस प्रकार की स्क्रिप्ट पूरे मामले में मीडिया और आमजन के सामने प्रस्तुत की गई है वह गले से नीचे नहीं उतर रही है और बड़ा सवाल बार-बार यही खड़ा हो रहा है कि क्या छोटे से इनाम के लालच के लिए कोई व्यक्ति 10 गुना इन्वेस्टमेंट करेगा या फिर पूरे मामले में बड़ा तोड़ बट्टा कर बड़ी उगाही की प्लानिंग फेल हो गई ।
अब जिले की पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी है और अभी भी नीमच जिले की आम जनता एवं मीडिया जिला पुलिस अधीक्षक एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मामले का पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ खुलासा किया जाए ताकि आमजन का पुलिस प्रशासन पर विश्वास बना रहे ।

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