नाबालिग का अपहरण करने वाले को 7 वर्ष की सजा

0
169

नीमच। श्री विवेक कुमार, विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), जिला-नीमच द्वारा एक आरोपी को 16 वर्षीय नाबालिग का अपहरण किये जाने के आरोप का दोषी पाकर कुल 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000 जुर्माने से दण्डित किया।

विशेष लोक अभियोजक श्री जगदीश चौहान द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 2 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 07.07.2017 ग्राम-उगरान की हैं। पीड़िता कक्षा 12वी में अध्यनरत् होकर वह ग्राम उगरान से ग्राम कनघट्टी में सुबह 11 बजे से शाम को 4 बजे तक स्कूल में पढ़कर वापस घर आ जाती हैं। घटना दिनांक को जब पीड़िता जब शाम 5 बजे तक वापस नही आयी तो उसके पिता व परिवार के सदस्यो ने उसकी तलाश करी तो पता चला कि पीड़िता को आरोपी जयसिंह बहला-फुसलाकर अपहरण करके ले गया हैं। पीड़िता के पिता ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना जीरन में की जिस पर से अपराध क्रमांक 189/17, धारा 363, 366 भादवि के अंतर्गत दर्ज किया गया। पुलिस जीरन द्वारा विवेचना के दौरान दिनांक 09.07.2017 को पीड़िता को इंदौर से दस्तयाब किया गया तथा पीड़िता द्वारा बताया गया कि आरोपी द्वारा उसका अपहरण कर उसको पिपलिया मण्डी, उज्जैन व इंदौर ले जाया गया था। पुलिस जीरन द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर तथा पीड़िता के उम्र संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया।

विशेष लोक अभियोजक श्री जगदीश चौहान द्वारा अभियोजन की ओर से नाबालिग पीड़िता, उसके परिवार के सदस्य, पीडिता को नाबालिक प्रमाणित करने के लिए स्कॉलर रजिस्टर प्रस्तुत करने वाले अध्यापक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध पीड़िता का अपहरण करने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया। श्री विवेक कुमार, विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), जिला-नीमच द्वारा आरोपी जयसिंह पिता उदयसिंह राजपूत, उम्र-24 वर्ष, निवासी-ग्राम उगरान, तहसील जीरन, जिला-नीमच को धारा 363 भादवि में 3 वर्ष के सश्रम कारावास व 5,000रु. जुर्माना व धारा 366 भादवि में 4 वर्ष का सश्रम कारवास व 5,000रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000रू. जुर्माने से दण्डित किया तथा साथ ही पीडिता को 10,000रु. प्रतिकर प्रदान करने के आदेश के अतिरिक्त म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना, 2015 के अंतर्गत उसके पुनर्वास हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नीमच के माध्यम से पर्याप्त प्रतिकर प्रदान किये जाने हेतु भी आदेशित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री जगदीश चौहान द्वारा की गई ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here