नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 18 वर्ष का सश्रम कारावास ।

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नीमच। श्री जसवंत सिंह यादव, अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा एक आरोपी नाबालिक बालिका का अपहरण करके अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उसको धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप का दोषी पाते हुए 18 वर्ष 06 माह के सश्रम कारावास एवं कुल 11,500रू. के जुर्माने से दण्डित किया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग दो वर्ष पुरानी होकर दिनांक 26.11.2016 की हैं, पशुहाट मैदान, नीमच निवासी नाबालिग पास ही के सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं, वह स्कूल जाने हेतू सुबह 10ः00 बजे घर से निकली थी जो वापस लौटकर नही आयी। नाबालिग की माता ने नाबालिग को आस-पास और रिश्तेदारी में तलाश किया परंतु उसका कोई पता नही चला तब उसके द्वारा शंका के आधार पर उसके घर के सामने रहने वाले आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना नीमच केंट में रिपोर्ट लिखाई, जिसे अपराध क्रमांक 659/16, धारा 363 भादवि में पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस नीमच केंट द्वारा विवेचना के दौरान लगभग चार माह पश्चात् दिनांक 22.03.2017 को नाबालिग को दस्तयाब किया गया, नाबालिग द्वारा बताया गया कि आरोपी उसको बहला-फुसलाकर नीमच से चित्तौडगढ, उदयपुर और कॉकरोली ले गया, जहा पर उसको धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, नाबालिग द्वारा यह भी बताया कि आरोपी ने उसे कॉकरोली में खुले मैदान में झोपड़ी बनाकर उसमें रखा था और किसी को भी कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। नाबालिग का मेडिकल किये जाने के बाद प्रकरण में धारा 366, 344, 506, 376 भादवि तथा धारा 5(एल)/6 पॉक्सों एक्ट का ईजाफा कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता, उसकी माता, पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ यह प्रमाणित कराने के लिए उसका मेडिकल करने वाले डॉक्टर तथा पीडिता को नाबालिक प्रमाणित करने के लिए स्कॉलर रजिस्टर प्रस्तुत करने वाले अध्यापक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। दण्ड के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि आरोपी द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपहरण करके लगभग चार महिने तक अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ दुष्कर्म किया हैं, अतः आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर श्री जसवंत सिंह यादव, पॉक्सो एक्ट के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा आरोपी महेन्द्र पिता स्व. प्रेमचंद्र बागरी, उम्र-24 वर्ष, निवासी-पशुहाट मैदान, जिला नीमच को धारा 363 भादवि (अपहरण करना) में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000रू. जुर्माना, धारा 366 भादवि (दुष्कर्म करने के लिये अपहरण करना) में 04 वर्ष का सश्रम कारावास व 3,000रू. जुर्माना, धारा 344 भादवि (10 दिन से अधिक समय तक जबरन रोककर रखना) में 06 माह का सश्रम कारावास व 500रू. जुर्माना, धारा 506 भादवि (जान से मारने की धमकी देना) में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000रू. जुर्माना तथा धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट (अव्यस्क के साथ दुष्कर्म करना) में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 5,000रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 18 वर्ष 06 माह के सश्रम कारावास व 11,500 रू. जुर्माने से दण्डित किया गया तथा जुर्माने की राशि 11,500रू. पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया गया। प्रकरण में धारा 376 भादवि एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट के अपराध एवं दण्ड की प्रकृति एक समान होने से धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में आरोपी को दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा की गई।

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