नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर बलात्कार करने वाले आरोपी की जमानत खारिज कर जेल भेजा।

0
432

नीमच। श्री विवेक कुमार, विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सों एक्ट), नीमच द्वारा नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर बलात्कार करने वाले आरोपी द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन को न्यायालय ने अभियोजन के तर्को से सहमत होकर खारिज कर जेल भेजा।

विशेष लोक अभियोजक श्री जगदीश चौहान द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनांक 01.11.2019 को मध्य रात्रि की हैं। फरियादी ने बताया कि घटना दिनांक को वह उसकी पत्नी व बच्चे रात्रि 10 बजे तक सो गये थे व उसकी लडकी भी अपने कमरे में चली गई थी, फरियादी ने जब सुबह उठकर देखा तो लडकी अपने कमरे में नही थी और दरवाजा भी खुला हुआ था, उसके बाद फरियादी द्वारा अपनी लडकी की आस-पास तलाश कर लोगो से पूछताछ की, पर कोई खबर नही मिली, फरियादी को आरोपी मंयक गुप्ता पर शक था, जिस पर से फरियादी ने आरोपी मंयक के परिजन से पूछताछ की, तो उन्होने बताया कि मंयक भी कल रात से घर नही आया हैं, फरियादी को संदेह हैं कि उसकी नाबालिग लडकी को मंयक गुप्ता बहला-फुसला के ले गया है। जिस पर फरियादी ने पीडिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना नीमच केंट में की। थाना नीमच केंट द्वारा पीडिता की तलाश कर दिनांक 09.11.2019 को उदयपुर में आरोपी के कब्जे से बरामद किया, पीडिता से पूछताछ करने पर उसने बताया कि आरोपी मंयक उसे शादी का झांसा देकर कई जगहो पर ले गया था और उसकी सहमति के बिना कई बार उसके साथ बलात्संग किया था। आरोपी के पकडे जाने पर पुलिस थाना नीमच केंट में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 561/19, धारा 363, 366ए, 376(2)(एन) भादवि एवं धारा 3/4 व 5/6 पॉक्सो एक्ट में अपराध पंजीबद्ध किया गया। बाद में आरोपी द्वारा जमानत आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

श्री जगदीश चौहान, विशेष लोक अभियोजक द्वारा आरोपी द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन का घोर विरोध करते हुए तर्क किया कि आरोपी ने नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर उसे अपहरण कर ले गया और कई बार उसके साथ बलात्कार किया। इस प्रकार अपराध की गंभीरता व नाबालिग बालिकाओ के प्रति समाज पर इसके पड़ने वाले विपरित प्रभाव को देखते हुए आरोपी को जमानत न दी जावेb। श्री विवेक कुमार, विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सों एक्ट), नीमच द्वारा आरोपी मंयक पिता नवीन गुप्ता, उम्र-19 वर्ष, निवासी-न्यू इंदिरा नगर, जिला-नीमच के जमानत आवेदन को न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए खारिज किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here