नाबालिग से देह व्यापार कराने वाली महिला की जमानत खारीज।

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नीमच। माननीय विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री जसवंत सिंह यादव, नीमच द्वारा एक महिला जिस पर नाबालिग लडकीयों का लोगो से रूपये लेकर देह व्यापार कराये जाने के आरोप हैं, उसके द्वारा न्यायालय में सरेण्डर कर प्रस्तुत जमानत आवेदन खारिज कर उसके आठ माह के बालक सहित जेल भेजने का आदेश किया।
अभियोजन मीड़िया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 30.08.2016 को पुलिस नीमच सिटी को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई की ग्राम जैतपुरिया में कुछ महिलाएॅ रूपये लेकर आने-जाने वालों को प्रलोभन देकर स्वयं और अव्यस्क मासूम बालिकाओं से वैश्यावृत्ति करवा रही हैं। मुखबीर की सूचना विश्वसनीय होने से पुलिस नीमच सिटी मय फोर्स रात्री के समय ग्राम जैतपुरिया पहुचकर शासकीय वाहन को एक तरफ खड़ा कर तस्दीक हेतु एक आरक्षक को सादे कपड़ो में ग्राहक बनाकर बांछड़ा डेरा इस निर्देश के साथ भेजा कि सूचना सही होने पर वह दूर खड़ी फोर्स को मोबाईल टार्च से ईशारा कर के बुला लेगा। आरक्षक द्वारा टार्च से ईशारा करने पर पुलिस फोर्स द्वारा छापामार कार्यवाही कर कुल 4 महिलाएॅ जो कि स्वयं वैश्यावृत्ति कर व करवा रही थी तथा एक ग्राहक को गिरफ्तार किया। मौके से ही एक पीड़ित नाबालिग लड़की भी मिली जिससे वैश्यावृत्ति करवायी जा रही थी। वापस थाने आकर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 458/16, धारा 372 भादवि, धारा 3, 4, 5 अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम तथा धारा 3/4, 17/18 पॉक्सों एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
आरोपिया नेहा पिता उत्तम बांछड़ा, उम्र-18 वर्ष, निवासी-ग्राम कड़ीआत्री द्वारा बाद में न्यायालय से जमानत का लाभ लेकर फरार हो गई, जो लगभग 1 वर्ष बाद न्यायालय के समक्ष एक 8 माह के बालक के साथ सरेण्डर होकर उसके द्वारा जमानत आवेदन इस आधार पर प्रस्तुत किया की वह गर्भवती थी इस कारण न्यायालय में उपस्थित नही हो सकी। आरोपिया के द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक श्री आर. आर. चौधरी द्वारा तर्क रखे गये कि आरोपिया गर्भवती थी एवं बालक उसका स्वयं का ही हैं इस संबंध में उसके द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया है तथा यदि आरोपीया को जमानत का लाभ दिया गया तो वह पुनः फरार हो सकती हैं, जिससे विचारण में विलम्ब हो सकता हैं। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री जसवंत सिंह यादव, नीमच द्वारा आरोपिया के जमानत आवेदन को खारिज कर उसे 8 माह के बालक के साथ जेल भेजने का आदेश दिया।

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