नीमच में मूंगफली तेल मे चल रहा था मिलावट का खेल बालीवुड ट्रेडर्स पर छापेमारी की 1000 मिलावटी तेल के डब्बे जप्त नीमच एंव आसपास के किराना व्यापारी अपनी दुकानों से लगे माल गायब करने।

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एमपी के नीमच में नकली मूंगफली तेल के कारखाने पर बडी कार्रवाई, 1 हजार डिब्बे जब्त, बाकलीवाल ट्रेसर्ड का व्यापारी मध्यप्रदेश और राजस्थान में मिलावटी तेल कर रहा था सप्लाई, फैक्टरी सील,जेल की हवा खाएगा सबसे बडा मिलावटखोर बाकलीवाल
नीमच। सोयाबीन के तेल में खूशबू घोलकर मूंगफली तेल का नाम देकर एमपी और राजस्थान में बडी खेप सप्लाई करने वाले व्यापारी का आज दिनांक 30 जुलाई मंगलवार को जिला प्रशासन ने फंडाफोड कर दिया है। बाकलीवाल ट्रेडर्स की औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरी को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है वहीं रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित बाकलीवाल ट्रेडर्स पर करीब एक हजार डिब्बे तेल के मिले है, जिसमें सोयाबीन का तेल प्रचूर मात्रा में मिलाया गया है और शुद्ध मूंगफली तेल के नाम से पैकिंग की गई। जब्त किए गए मिलावटी तेल की कीमत करीब दस लाख बताई है। सुबह से देर शाम तक गोदाम, फर्म के आॅफिस और फैक्टरी में जांच—पडताल जारी थी। कलेक्टर अजयसिंह गंगवार के मार्गदर्शन में पहली बार नकली मूंगफली का तेल बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई हुई है। नकली तेल का कारोबार व्यापारी राजेंद्र बाकलीवाल कई समय से चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद नकली तेल बनाने वाले माफियाओं में हडकंप मच गया है।
नीमच में बाकलीवाल ट्रेडर्स द्वारा लंबे समय से नकली मूंगफली के तेल का कोराबार किया जा रहा है। इस फर्म द्वारा सुपर राजकोट, शुभ लक्ष्मी, अमृत कलश, बाकलीवाल, रूपजी सहित अन्य ब्रांड के नाम से मूंगफली का तेल इंदौर, उज्जैन, धार, आलोट, बडनगर, देवास, नागदा, मंदसौर, रतनगढ, सिंगोली, कांकरिया तलाई, राजस्थान के निम्बाहेडा, चित्तोड, बेंगू, प्रतापगढ सहित कई जगहों पर सप्लाई किया जाता है। नीमच में नकली मूंगफली का तेल बनाने की औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी संचालित कर रखी है। बाहर के व्यापारी असली मूंगफली का तेल समझकर लेते है, दरअसल मूंगफली का तेल न होकर सोयाबीन कर रहता है, उसमें ससेंस खूशबू मूंगफली के तेल की मिलाई जाती है। मूंगफली तेल का 15 किलो का डिब्बा 17 00 रूपए में मिलता है, लेकिन 1300 से 1600 रूपए तक यह नकली मूंगफली का तेल खपाया जाता है। प्रतिदिन नीमच से यह नकली मूंगफली का तेल 90 हजार किलो बाहर भेजा जाता है। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थी। मंगलवार को कलेक्टर ने टीम गठित की। पुलिस फोर्स के साथ नकली तेल बनाने वाली फैक्टरी पर छापामार कार्रवाई की। फैक्टरी में भारी मात्रा में नकली तेल मिला है वहीं रेलवे स्टेशन स्थित गोदाम में भी करीब 1 हजार डिब्बे मिले है, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। कई डिब्बों में लेबल नहीं चिपके थे। एमआरपी और बेच नंबर भी नहीं थे। टीम ने सेंपल भी लिए है। इस छापामार कार्रवाई में अपर कलेक्टर दीपक चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा, राजू सोलंकी, तहसीलदार अजय हिंगे, आरआई विपिता पटेल सहित पुलिस फोर्स मौजूद था।
पूरे एमपी में नकली तेल के नाम से प्रसिद्ध है बाकलीवाल
बाकलीवाल ब्रदर्स आज नहीं कई सालों से नकली तेल का कारोबार संचालित कर रहा है, लेकिन बडी कार्रवाई आज तक नहीं हुई। पहली बार हुई बडी कार्रवाई से बाकलीवाल के नकली गौरखधंधे पर मठठा डल गया है। सभी तेल जब्त कर लिया गया है। बचे है तो सिर्फ खाली डिब्बे। एमपी और राजस्थान के कई बडे शहरों से लेकर छोटे शहरों में यह नकली मूंगफली का तेल सप्लाई करता है। इस कार्रवाई के बाद बाकलीवाल का गौरखधंधा जग जाहिर हो चुका है। नकली तेल का कारोबार करना बडे अपराध की श्रेणी में आता है। बाकलीवाल को सेहत के साथ खिलवाड करने की सजा सिर्फ जेल ही मिलेगी।

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