न्यायालय में एक गाय पेश न करने वाले आरोपी को जुर्माने का दण्डादेश।

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मनासा। श्री धर्म कुमार, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, मनासा द्वारा एक गाय सुपुर्दगी में आरोपी को देने पर न्यायालय में पेश करने का नोटिस देने के बावजूद न्यायालय में पेश नही करके न्यायालय के आदेश का पालन नही करने के कारण 2500रू. जुर्माने से दण्डित किया। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अमृतराम व अभय कुमार के बीच चले सिविल वाद में न्यायालय में अभय कुमार के पक्ष में 6,741रू. की डिक्री पारित की थी। अभय कुमार द्वारा 6,741रू. की वसूली के लिए वर्ष 2010 में बजावरी प्रकरण लगाया, जिसमें न्यायालय द्वारा कुर्की वारण्ट जारी किया गया, जिसकी वसूली के लिए न्यायालय का कर्मचारी दिनांक 08.02.2010 को आरोपी के ग्राम रावतपुरा स्थित घर गया, जहा से आरोपी द्वारा रूपये न दिये जाने पर उससे एक गाय को कुर्क कर, आरोपी को इस शर्त के साथ सुपुर्दगी पर दिया की जब भी न्यायालय आदेश करेगा उसे वह न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद न्यायालय द्वारा आरोपी को गाय को न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने का नोटिस दिये जाने के बाद भी आरोपी द्वारा गाय को न्यायालय में प्रस्तुत नही करने पर उसके विरूद्ध पुलिस थाना मनासा में अपराध क्रमांक 75/13, धारा 406 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
श्री योगेश कुमार तिवारी, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में संपत्ति कुर्क करने वाले व नोटिस तामिल करने वाले न्यायालय के कर्मचारियों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराया गया। *श्री धर्म कुमार, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, मनासा* द्वारा आरोपी अमृतराम पिता नंदराम कीर, उम्र-45 वर्ष, निवासी-रावतपुरा, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 406 भादवि (अमानत में खयानत करना) में 2,500रू. जुर्माने से दण्डित किया। *न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा की गई।*

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