पी.एच.ई. विभाग द्वारा निरन्तर किया जा रहा है जल गुणवत्ता परीक्षण व क्लोरीनेशन का कार्य

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40 फील्ड टेस्टिंग किट में से 27 का कर चुके है वितरण

600 फील्ड टेस्टिंग किट शासन से आना बाकी

शासन से प्राप्त 20 हजार क्लीन वेट में से अब तक 9250 क्लीन वेट से पेयजल स्त्रोंतो का कर चुके क्लोरिनेशन

मंदसौर 26 अगस्त 19/ कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री दुबे द्वारा बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में निवासतर ग्रामवासियों को वर्षभर शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण पेयजल प्राप्त हो सके इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग निरन्तर कार्य कर रहा है। भारत शासन के जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम मे अन्तर्गत ग्रामवासी अपने ग्राम में स्थापित पेयजल स्त्रोतो से प्राप्त पानी का जल गुणवत्ता परीक्षण अपनी ही ग्राम पंचायत व चोपाल पर कर सके। इस हेतु पी.एच.ई. विभाग शासन से प्राप्त फिल्ड टेस्टींग किट का वितरण जिले की समस्त ग्राम पंचायतों को निरन्तर करता है। इस फिल्ड टेस्टींग किट के माध्यम से ग्रामवासी पानी के महत्वपूर्ण 8 टेस्ट जिनमे पी.एच., क्लोराइड,फ्लोराइड नाइट्रेट, टर्बीडीटी, आयरन,हार्डनेस,क्लोरीन का परीक्षण आसान विधियों से किट में उपलब्ध पुस्तिका के माध्यम से रंग पहचानकर कर सकते है।

इसके अलावा जिला स्तर एवं उपखण्ड स्तर पर पेयजल परीक्षण प्रयोगशाला में शेष सात महत्वपूर्ण टेस्ट किये जाते है। जिसमे एल्कालिनीटी टेस्ट, टी.डी.एस. टेस्ट, केल्शियम हार्डनेस टेस्ट, मेग्नीशियम हार्डनेस टेस्ट, बेक्टोलोजिकल टेस्ट, मैगनिज टेस्ट, सल्फेट टेस्ट किये जाते है। इस वर्ष विभाग ने शासन से प्राप्त 40 किटो का वितरण जिले के शासकीय विद्यालयों , आगंनवाडीयों व नलजल प्रदाय योजना वाले ग्रामों में किया जा रहा है, साथ ही विभाग के सहायक अमले जिला सलाहकार, विकासखण्ड समन्वयक, प्रयोगशाला रसायनज्ञ द्वारा इस फिल्ड टेस्टींग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण करने का प्रशिक्षण सांसद आदर्श ग्राम टकरावद, मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजना वाले ग्राम नापाखेडा, लोध, नाटाराम, बंजारी(गरोठ) आवर्धन पेयजल योजना वाले ग्राम फतेहगढ,पायाखेडी, पाडल्यामारू, सहित ग्रामों मे दिया जा रहा है। इस कार्य मे आशा कार्यकर्ता, आगनवाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक , नल चालक व ग्रामवासियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले की समस्त ग्राम पंचायतों को यह फिल्ड टेस्टींग किट शासन से प्राप्त करने के उपरांत प्रदाय कर उन्हे इस टेस्टींग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण करने का आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा।

पी.एच.ई. विभाग जिले के समस्त शासकीय स्त्रोंतो कूप,नलकूप व हैण्डपंपों का निरन्तर वर्ष भर क्लोरिनेशन का कार्य विभाग के हैण्डपंप मेकिनिकों के माध्यम से करता है। इसके लिए विभाग शासन से प्राप्त क्लीन वेट (सोडीयम हाइपोक्लोराईड लिक्वीड ) के द्वारा पेयजल स्त्रोतो को प्रदुषण मुक्त बनाने के लिए क्लोरिनेशन करता है। इस वर्ष विभाग ने शासन से प्राप्त 20 हजार क्लीन वेट में से 9250 क्लीन वेट के माध्यम से पेयजल स्त्रोंतो का क्लोरिनेशन का कार्य सतत करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले के शासकीय आयोजनों में लगने वाली प्रदर्शनी में भी विभाग क्लीन वेट ग्रामवासीयों को वितरीत कर उसके उपयोग करने हेतु प्रेरित करता है।

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