पुरानी रंजीश को लेकर मारपीट करने वाले आरोपी को 12 माह का सश्रम कारावास।

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मनासा। श्री मनीष पाण्डेय, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा एक आरोपी को पुरानी रंजीश को लेकर मारपीट करने के आरोप का दोषी पाकर कुल 12 माह के सश्रम कारावास एवं 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

श्री अरविंद सिंह, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 13 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 30.05.2006 को सुबह के 11 बजे ग्राम झिंझरखेड़ा स्थित कैलाश बंजारा के मकान के सामने की हैं। आरोपी एवं फरियादी व आहतगण के मध्य पुरानी रंजीश चल रही हैं जिस कारण घटना दिनांक को आरोपी सद्दा ने अन्य आरोपीगण कैलाश, लक्ष्मणसिंह, चंदा, रोड़ा मांगीलाल, बाबूलाल व जोरसिंह के साथ मिलकर फरियादी व आहतगण उंकारसिंह, अमरसिंह, पंखाबाई, सुरेश, सीताबाई, राजू व लालू के साथ लात-घूसो से व पत्थर फेंक कर मारपीट करी, जिसकी रिपोर्ट फरियादी उंकारसिंह ने पुलिस थाना मनासा पर की, जिस पर से अपराध क्रमांक 58/2006, धारा 323, 325, 336 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। पुलिस मनासा द्वारा आहतगण का मेडिकल कराया गया, जिसमें लालू को गंभीर चोट आना पाया गया तथा शेष विवेचना उपरांत चालान मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपी सद्दा के फरार हो जाने से शेष सभी आरोपीगण के विरूद्ध विचारण पूर्ण हो गया, बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया जाने से उसके विरूद्ध न्यायालय में विचारण चला।

श्री अरविंद सिंह, एडीपीओ द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान फरियादी व आहतगण सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को प्रमाणित कराया गया तथा दण्ड के प्रश्न पर तर्क किया गया कि आहत लालू को गंभीर चोट आयी हैं इसलिए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री मनीष पाण्डेय, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा आरोपी सद्दा पिता तेजा बंजारा, उम्र-55 वर्ष, निवासी ग्राम-झिंझरखेडा, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 323 भादवि में 3 माह के कठोर कारावास व 300रू. जुर्माना, धारा 325 भादवि में 6 माह के कठोर कारावास व 500रू. जुर्माना व धारा 336 में 3 माह का कठोर कारावास व 200रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 12 माह के कठोर कारावास व 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया, साथ ही आहत लालू को 500रू. व आहत अमरसिंह को 300रू. प्रतिकर प्रदान करने का आदेश भी पारित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री अरविंद सिंह, एडीपीओ द्वारा की गई।

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