फर्जी मार्कशीट बनाने वाले 11 आरोपियो को विभिन्न धाराओ में कुल 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास ।

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नीमच। श्रीमान एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा कुल 11 आरोपियो को फर्जी मार्कशीट बनाने के आरोप का दोषी पाकर विभिन्न धाराओ में कुल 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4,000-4,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

अभियोजन मीडिया सेल को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विवेक सोमानी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 23 वर्ष पूर्व दिनांक 30.03.1997 को शासकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय, नीमच की हैं। अभियुक्तगण द्वारा वर्ष 1997 में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा आयोजित बी.ए. आदि की मुख्य परीक्षा में सम्मलित होने हेतु उनके कॉलेज शासकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय, नीमच की अंकसूची (मार्कशीट) में नम्बरो की वृद्धि कर आने वाली परीक्षा में सम्मलित होने हेतु आवेदन पत्र झुठी मार्कशीट के साथ प्रस्तुत की हैं। जब आवेदन पत्रो के साथ संलग्न झुठी अंकसूचियो को विश्वविद्यालय के रिकार्ड से मिलान किया गया तो पाया गया कि परीक्षाथी की मार्कशीट में नम्बरो में वृद्धि की गई हैं व उत्तीण (पास) दर्शया गया हैं। जिससे उक्त परीक्षाथी (आरोपीगण) के आवेदन पत्र निरस्त किये गये और आरोपीगण के विरूद्ध पुलिस थाना में अपराध क्रमांक 378/1997, धारा 120बी, 420, 467, 471 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर, शेष विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन की ओर से श्री विवेक सोमानी ए.डी.पी.ओ. द्वारा न्यायालय में सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपीगण द्वारा फर्जी मार्कशीट बनाकर सम्पत्ति के विरूद्ध एवं सामाजिक व्यवस्था के विरूद्ध आने वाला गंभीर अपराध किया गया हैं, इसलिए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किया जावे। श्रीमान एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपीगण (1) लाभचंद पिता वरदीचंद, उम्र-43, निवासी ग्राम कंजार्डा, (2) आशीष पिता मुरलीधर पलोघ, उम्र-41 वर्ष, निवासी सदर बाजार, (3) संदीप पिता रामनिवास दरक, उम्र-42 वर्ष, निवासी उषागंज, (4) बलराम पिता रामेश्वर चिचानी, उम्र-42, निवासी सदर बाजार (5) दिलीप पिता टी.टी. राम सोनी, उम्र-45 वर्ष, निवासी भाटखेड़ी रोड, पॉचो निवासी तहसील मनासा, जिला नीमच (6) ललीत पिता लादूसिंह चुण्डावत, उम्र 45 वर्ष, (7) मार्टिन पिता यू.एम. लायन, उम्र-48 वर्ष, दोनो निवासी इंद्रानगर, जिला नीमच, (8) राजेश पिता जगदीश प्रसाद शर्मा, निवासी विकास नगर, नीमच, (9) जितेन्द्र पिता प्रतापसिंह चंडावत, उम्र-45 वर्ष, निवासी पिपल्याहाना इंदौर, (10) सुरेश पिता साहबसिंह पटेल, उम्र-44 वर्ष, निवासी होशंगाबाद व (11) ब्रजमोहन पिता नरायणसिंह, उम्र-47 वर्ष, निवासी जिला भरतपुर राजस्थान को धारा 120बी व धारा 471 भादवि में 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास व 1,000-1,000 रूपये जुर्माना तथा धारा 420 व धारा 467 भादवि में 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास व 1,000-1,000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया। इस प्रकार विभिन्न धाराओ में आरोपीगण को कुल 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 4,000-4,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय द्वारा सभी सजाएॅ साथ-साथ चलने का आदेश प्रदान किया गया इस प्रकार प्रत्येक आरोपी को 3-3 वर्ष व 4,000-4,000रू. जुर्माने की सजा दी गई। न्यायालय में शासन की और से पैरवी श्री विवेक सोमानी, एडीपीओ द्वारा की गई।

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