फर्जी मालिक बनकर ऑटो सुपुर्दगी पर लेने वाले को 03 साल की जेल ।

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नीमच। श्री नीरज मालवीय, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा एक आरोपी को फर्जी मालिक बनकर न्यायालय से ऑटो सुपुर्दगी पर प्राप्त किये जाने के आरोप का दोषी पाते हुए 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मामला लगभग 15 वर्ष पुराना हैं। तत्कालिन सी.जे.एम. के. सी. बांगर द्वारा दिनांक 03.11.2003 को थाना प्रभारी नीमच केंट को पत्र लेख किया कि सुश्री जयश्री नंदेश्वर, जे.एम.एफ.सी., नीमच के न्यायालय के आपराधिक प्रकरण क्रमांक 190/12, शासन विरूद्ध नरेन्द्र आदि जो कि ऑटो रिक्शा क्रमांक एम.पी. 44 के. 0007 चोरी हो जाने का था, उसके संबंध में गुमनाम शिकायत प्राप्त हुई हैं कि ऑटो रिक्शा को फर्जी मालिक बनकर न्यायालय से सुपुर्दगी पर प्राप्त किया गया हैं। पुलिस नीमच केंट द्वारा जॉंच किये जाने पर पता लगा कि ऑटो रिक्शा का स्वामी जगदीश पिता वासुदेव पंजाबी हैं जबकि सुपुर्दगी नामे पर आरोपी अनुराग अग्रवाल का फोटो हैं, जिस कारण से आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना नीमच केंट में अपराध क्रमांक 636/03, धारा 419 भादवि के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर, शेष विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन के द्वारा न्यायालय में प्रकरण के विचारण के दौरान सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराया गया। दण्ड के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि आरोपी द्वारा स्वयं को ऑटो का फर्जी मालिक बताकर न्यायालय से ऑटो सुपुर्दगी पर प्राप्त किया हैं, भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा अपराध करते हुए डरे इसलिए उदाहरण स्वरूप आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाना चाहिए। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर श्री नीरज मालवीय, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा आरोपी अनुराग पिता दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, उम्र-35 वर्ष, निवासी-बंगला नं. 10, नीमच को धारा 419 भादवि (फर्जी व्यक्ति बनकर छल करना) में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी के मार्गदर्शन में श्रीमती निधि शर्मा, एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई ।

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