बिना एक्सपाईरी डेट वाले टोस्ट बेचने वाले व्यापारी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास।

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मनासा। श्री धर्म कुमार, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा बिना एक्सपाईरी डेट वाले मिथ्याछाप टोस्ट बेचने वाले व्यापारी को विभिन्न धाराओ में 01 वर्ष के सश्रम कारावास और 2,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया।

अभियोजन मीडिया सेल को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री योगेश कुमार तिवारी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व दिनांक 21.12.2010 को दोपहर के 2ः30 बजे खाद्य निरीक्षक राजु सोलंकी नियमित निरीक्षण हेतु आरोपी लोकेश जैन की लोकेश किराना स्टोर, नीम चौक, महागढ़, मनासा पर पँहुचे, जहॉ पर व्यापारी द्वारा किराना सामग्री के साथ प्रकाश टोस्ट का विक्रय किया जा रहा था। खाद्य निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के दौरान प्रकाश टोस्ट के पैकेट पर उसकी एक्सपाईरी डेट नही लिखी होने से उसकी शुद्धता पर संदेश होने के कारण 200 ग्राम वजनी एक टोस्ट का पैकेट उसके 12 रूपये बाजार मुल्य का भुगतान कर जॉच हेतु लिया गया, जिसको जॉच हेतु लोक विश्लेषक, राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल को भेजा गया, जहॉ से प्राप्त रिपोर्ट में टोस्ट को मिथ्याछाप घोषित किया गया। व्यापारी द्वारा टोस्ट का क्रय बिल भी प्रस्तुत नही किया गया व उसके पास खाद्य विक्रय करने का लाईसेंस भी नही होने से खाद्य निरीक्षक द्वारा व्यापारी के विरूद्ध न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

श्री योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा अभियोजन की ओर से न्यायालय में खाद्य निरीक्षक एवं अन्य आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराया गया तथा दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया गया कि बेचे जाने वाले टोस्ट पर एक्सपाईरी डेट का वर्णन नही था, जिस कारण उसका सेवन करना मानव स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करने वाला कृत्य हैं तथा आरोपी के पास टोस्ट का क्रय बिल व विक्रय लाईसेंस नही होने से आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाए। श्री धर्म कुमार, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा आरोपी लोकेश पिता रूपचंद्र जैन, उम्र-45 वर्ष, निवासी-महागढ़, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 7(।।) सहपठित धारा 16(1)(ए)(।) खाद्य अपमिश्रण अधिनियम, 1954 के अंतर्गत 06 माह के सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से व धारा 7(।।।) सहपठित धारा 16(1)(ए)(।।) खाद्य अपमिश्रण अधिनियम, 1954 के अंतर्गत 06 माह के सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से, इस प्रकार आरोपी को कुल 01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से श्री योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई।

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