बी.सी. के रूपयो के विवाद के कारण एक महिला को जिंदा जलाने वाली 02 महिलाओं को आजीवन कारावास ।

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नीमच। श्री जसवंतसिंह यादव, अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा दो महिला आरोपिया को बी.सी. के रूपयो के विवाद के कारण एक महिला को घासलेट डालकर जिंदा जलाने के आरोप का दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं 5,000-5,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी ए.डी.पी.ओ. रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 04 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 01.12.2015 की दिन के 11ः00 बजे ग्वालटोली, नीमच स्थित मृतिका हेमा के घर की हैं। मृतिका हेमा और आरोपिया मंजुबाई व रानी के बीच बी.सी. के रूपयो को लेकर विवाद चल रहा था, जिस कारण घटना दिनांक को दोनो आरोपिया ने मिलकर मृतिका हेमा को उसके 05 वर्ष व 07 वर्ष उम्र के दो छोटे बच्चों के सामने घासलेट डालकर जिंदा को जला दिया, जिसकी दिनांक 10.12.2015 को उदयपुर में ईलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मर्ग जॉच के बाद दोनो आरोपिया के विरूद्ध पुलिस थाना नीमच केंट में अपराध क्रमांक 07/16, धारा 302/34 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा प्रकरण को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज घोषित किया गया।

श्री आर. आर. चौधरी, जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से मृतिका के दोनो छोटे बच्चो मुनमुन व दक्ष के तथा मृतिका के मृत्युकालिन कथन लेने वाले उदयपुर के जज सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपिया के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित कराया गया तथा प्रकरण में लिखित अंतिम बहस प्रस्तुत करते हुए तर्क दिया कि महिला होते हुए महिला के साथ इस तरह के क्रुरतम जघन्य अपराध करने वाली आरोपिया को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर श्री जसवंतसिंह यादव, अपर सत्र न्यायाधीश, नीमच द्वारा आरोपिया (1) मंजुबाई पति राकेश जाटव, उम्र-42 वर्ष तथा (2) रानी पति राजकुमार विश्नोई, उम्र-25 वर्ष, दोनो निवासी-ग्वालटोली, जिला नीमच को धारा 302/34 भादवि (एकमत होकर हत्या करना) में आजीवन कारावास एवं 5,000-5,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री आर. आर. चौधरी, डी.पी.ओ. द्वारा की गई ।

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