बैलों का वध हेतु अवैध परिवहन करने वाले एक आरोपी को 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माना।

0
310

नीमच। श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को 02 बैलों का वध किये जाने हेतु अवैध परिवहन किये जाने के आरोप का दोषी पाते हुए 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6,050रू. जुर्माने से दण्डित किया।जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 04.04.2013 को पुलिस जीरन को मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुई की शाम के लगभग 06ः40 बजे हर्कियाखाल सांदा, महु-नीमच रोड में एक टाटा वाहन जिसमें वध किये जाने हेतु बैलों को धुलिया (महाराष्ट्र) की ओर से लाया जा रहा हैं। सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस जीरन मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर पहुची जहॉ पर उन्हे एक टाटा वाहन क्रमांक आर. जे. 12 जी.ए. 1054 आता हुआ दिखा, जिसको रोककर उसकी तलाशी लिये जाने पर उसमें 02 बैलों को बिना चारा-पानी के ठूस-ठूस कर क्रुरतापूर्वक भरा हुआ था। टाटा वाहन के ड्रायवर के पास इन 02 बैलों के परिवहन के संबंध में कोई कागजात नही थे तथा सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वे बैलों को वध हेतु ले रहा हैं। पुलिस जीरन द्वारा टाटा वाहन व बैलों को जप्त कर आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट अपराध क्रमांक 77/13, धारा 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004, धारा 4, 6ए, 10 म.प्र. कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 1959 तथा धारा 11डी पशु क्रुरता निवारण, 1960 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। श्री आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से जप्तीकर्ता पुलिस अधिकारी के अलावा मौके के पंचान साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अपराध प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी द्वारा निर्दयतापूर्वक बैलो का वध करने के उद्देश्य से उनको ले जाया जा रहा था, इसलिए आरोपी को कठोर कारावास से दण्डित किया जाये। *श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डिधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच* द्वारा आरोपी मोहम्मद फारूख पिता बाबू खां, उम्र-45 वर्ष, निवासी-पठारी मोहल्ला, बघाना, जिला नीमच को धारा 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 में 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 5,000रू. जुर्माना, धारा 4, 6ए, 10 म.प्र. कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 1959 में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000रू. जुर्माना तथा तथा धारा 11डी पशु क्रुरता निवारण 1960 में 50रू जुर्माने से दण्डित किया। इस प्रकार आरोपी को कुल 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6050रू जुर्माने से दण्डित किया। *न्यायालय में शासन की ओर से श्री आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई।*

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here