ब्यूरोक्रेसी की होगी सर्जरी, एसआर मोहंती हो सकते हैं प्रमुख सचिव ।

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भोपाल। सीएम की कुर्सी संभालते ही कमलनाथ ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया। अधिकारियों की क्लास लेने के साथ ही उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि कामकाज में ढिलाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी। कमलनाथ को अब नया मुख्यसचिव नियुक्त करने के साथ ही प्रशासनिक फेरबदल भी करना है। नए मुख्य सचिव के लिए आधा दर्जन अधिकारियों के नाम की चर्चा है जिसमें वरिष्ठता के हिसाब से पहला नाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1982 बैच के अधिकारी माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष एसआर मोहंती का है। मोहंती को भाजपा शासनकाल में अच्छी पदस्थापना भी नहीं मिली। इसके अलावा अपर मुख्यसचिव जलसंसाधन राधेश्याम जुलानिया और अपर मुख्यसचिव पंचायत व ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैस भी मुख्य सचिव के प्रबल दावेदार है। सूत्रों के अनुसार मोहंती का मुख्य सचिव बनना लगभग तय है। आज मुख्य सचिव बनने से पहले ओएसडी के रूप में उनके आदेश जारी हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सीएम जल्द ही नए मुख्यसचिव की नियुक्ति करेंगे, ताकि प्रशासनिक फेरबदल जल्द से जल्द हो सके। मुख्य सचिव बीपी सिंह आगामी 31 दिसबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकार को 30 दिसबर तक मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना करना होगा। मतदाता सूचियों के प्रकाशन के कारण चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के काम में लगे अधिकारियों के तबादले पर रोक लगा दी है। सीएम सचिवालय में बदलाव की शुरूआत हो गई है। सीएम सचिवालय में अपर मुख्यसचिव एम. गोपाल रेड्डी, आईसीपी केसरी, मलय श्रीवास्तव या मनु श्रीवास्तव की पदस्थापना की चर्चा है। कहा जा रहा है कि यदि मोहंती को सीएस बनाया जाता है, तो एसीएस एपी श्रीवास्तव की वित्त विभाग में वापसी होगी। वहीं वित्त पीएस अनुराग जैन को वित्त से हटाया जाएगा।
दर्जनभर कलेक्टर व एसपी जल्द बदलेंगे-
बताया जाता है कि चुनाव में गड़बड़ी करने वाले कलेक्टर और एसपी सरकार के निशाने पर हैं। ऐसे दस जिलों के कलेक्टर और एसपी को हटाने की तैयारी कर ली गई है। इनके आदेश जल्द जारी होने की संभावना है। एक चर्चा यह भी है कि नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद प्रशासनिक फेरबदल किया जाए। जिन अधिकारियों को बदला जाना है उनमें इंदौर रीवा, सतना, सीधी, उमरिया, शहडोल, सागर, शाजापुर, मंदसौर और भिंड के कलेक्टर व एसपी शामिल हैं। विस चुनाव में कई कलेक्टर और एसपी ने सरकार के पक्ष में काम किया था। इसकी खबरें कमलनाथ व कांगे्रस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के पास चुनाव के दौरान ही पहुंच गई थीं। कमलनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा से ड्यूटी करने की नसीहत देते हुए कहा था कि वे याद रखें कि 11 के बाद 12 दिसंबर भी आएगा। ऐसा माना जा रहा है कि प्रशासनिक मशीनरी की वजह से चुनाव में कांगे्रस को विंध्य क्षेत्र में कई सीटें गंवानी पड़ी है। जिससे पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई। इन कलेक्टर और एसपी के तबादले के बाद प्रदेश में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में नौकरशाहों के तबादले किए जाएंगे। इनमें अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों के साथ ही कलेक्टर और एसपी शामिल हैं।

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