मंदिर में चोरी करने वाले आरोपी को दो वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना ।

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नीमच। श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को रात्री के समय मंदिर की दानपेटी तोड़कर चिल्लर चोरी करने के आरोप का दोषी पाकर 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 200रू. के जुर्मानें से दण्डित किया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 05 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 31.08.2013 को मध्यरात्री की हैं। ग्राम धनेरियाकला स्थित खाकलदेव मंदिर में भोलाराम पुजारी हैं, वह नित्य पूजन के पश्चात् मंदिर में ताला लगाकर घर चला गया, अगले दिन सुबह 08:00 बजे पुजारी के भाई व भतीजे ने बताया कि मंदिर में चोरी हो गई हैं। भोलाराम ने मंदिर में जाकर देखा तो मेनगेट का ताला टूटा हुआ था वह मंदिर के अंदर रखी दानपेटी का ढक्कन भी टूटा हुआ था तथा दानपेटी के अंदर रखी हुई लगभग 100रू. की चिल्लर चोरी हो गई थी। फरियादी भोलाराम ने घटना की रिपोट पुलिस थाना बघाना पर की, जिस पर से अपराध क्रमांक 244/2013, धारा 457, 380 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस बघाना द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 100रू. की चिल्लर जप्त कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान फरियादी, पंचसाक्षी व विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। दण्ड के प्रश्न पर श्री आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा तर्क दिया गया कि आरोपी द्वारा आधी रात को पवित्र देवस्थान पर चोरी करने का गंभीर अपराध किया हैं, इसलिए अरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाए। अभियोजन के तर्को से सहमत होकर श्री एम. ए. देहलवी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी राहुल पिता हुकुमसिंह, उम्र-40 वर्ष, निवासी-चौकन्ना बालाजी मंदिर नीमच के सामने, जिला नीमच को धारा 457 भादवि (चोरी की नियत से रात्रि को मंदिर में घुसना) में 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 100रू. जुर्माना एवं धारा 380 भादवि (किसी निर्माणगृह में घुसकर चोरी करना) में 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 100रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 200रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा की गई ।

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