मनासा का बहुचर्चित हत्याकांड मामला फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला।

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मध्यप्रदेश के मनासा के रहने वाले जगदीश की फांसी की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने उम्र कैद में बदला।
-सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जगदीश मरते दम तक जेल में रहेगा।
– जगदीश ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका याचिका दाखिल की थी।
– दरअसल चरित्र शंका के चलते पत्नी सहित पांच मासूम बच्चों को बेरहमी से मारकर जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले जगदीश को फाँसी सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई थी।
-जिसके खिलाफ जगदीश ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।
– इससे पहले हत्याकांड को अंजाम देने वाले जगदीश को निचली अदालत और हाई कोर्ट ने भी फांसी की सजा सुनाई थी।
– घटना 20 अगस्त 2005 की रात की है। चरित्र शंका के चलते जगदीश रात को घर पहुंचा और पत्नी सहित पांच मासूम बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। जगदीश ने पत्नी अमरीबाई के साथ बच्चे कारीबाई , विद्याबाई , राजूबाई , रचना और 8 वर्षीय बालक दिलखुश को भी मार दिया था।

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