मिलावटी मावे की मिठाई बेचने वाले दो आरोपियों को 06-06 माह का सश्रम कारावास एवं 1,000-1,000रू. जुर्माना।

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नीमच। श्री नरेन्द्र कुमार भंडारी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा दो आरोपियों को मिलावटी मावा बेचने के आरोप का दोषी पाकर 06-06 माह के सश्रम कारावास और 1,000-1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व दिनांक 03.08.2009 को दोपहर के लगभग 03.15 बजे खाद्य निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह जादौन जिला नीमच केअनुविभागिय अधिकारी व उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर निरीक्षण हेतु गोपी मिष्ठान भण्डार, तिलक मार्ग, नीमच पर पँहुचे, जहॉ पर मावे से बनी मिठाईयों का विक्रय किया जा रहा था। खाद्य निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के दौरान पूछे जाने पर मिठाई विक्रेता ने बताया कि मिठाई बनाने का कार्य चतुर्भुज धर्मशाला स्थित कारखाने में किया जाता हैं। खाद्य निरीक्षक को मिठाई की शुद्धता पर संदेश होने से उनके द्वारा कारखाने से 1500ग्राम मावा जॉच हेतु 240रू. नकद भुगतान कर लिया गया, जिसकी जॉच लोक विश्लेषक, राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल व उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नीमच को भेजा गया। उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नीमच से प्राप्त रिपोर्ट में मावा मिलावटी होकर मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होना पाया गया, जिस कारण मिठाई विक्रेताओ के विरूद्ध न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।श्री रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओं द्वारा अभियोजन की ओर से न्यायालय में खाद्य निरीक्षक एवं अन्य आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराया गया तथा दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया गया कि बेची जाने वाली मिठाई जिस मावे से बनायी जा रही थी वह मिलावटी होकर मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुचाने वाला था, इसलिए आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाए। *श्री नरेन्द्र कुमार भंडारी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच* द्वारा आरोपीगण गोपी मिष्ठान भण्डार, नीमच के मिठाई विक्रेताओं (1) राजेश पिता राधेश्याम सैनी, उम्र-48 वर्ष, निवासी-टैगोर मार्ग, जाजू बिल्डिंग के पास, तहसील व जिला-नीमच तथा (2) अर्जुनलाल पिता बागमल सैनी, उम्र-58 वर्ष, निवासी-मनासा रोड़, जेतपुरा, तहसील व जिला नीमच को धारा 7(1)(3) सहपठित धारा 16(1)(क)(1) एवं (2) खाद्य अपमिश्रण अधिनियम, 1954 के अंतर्गत 06-06 माह के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। *न्यायालय में शासन की ओर से श्री रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा पैरवी की गई।*

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