रूपये उधार देने से इंकार करने पर मारपीट करने वाले आरोपी को 3 माह का सश्रम कारावास ।

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नीमच। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा एक आरोपी को रूपये उधार देने से इंकार करने वाले फरियादी के साथ लकड़ी से मारपीट करने के आरोप का दोषी पाकर 3 माह के सश्रम कारावास व 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 2 वर्ष पुरानी दिनांक 07.07.2017 को रात्री के लगभग 9 बजे दिल्ली दरबार होटल के सामने, मूलचंद मार्ग, नीमच की हैं। फरियादी साबिर व उसका भाई सादिक होटल पर सब्जी लेने जा रहे थे तो होटल के बहार आरोपी इम्तियाज उर्फ शानु मिला और वह फरियादी से बोला की ’’तू दूसरों को रूपये उधार देता फिरता हैं तो मुझे भी 200रू उधार दे दे’’, इस पर फरियादी ने कहा कि मेरे पास रूपये नहीं हैं तो आरोपी आक्रोशित होकर पास की दुकान में से लकड़ी ले कर आया और फरियादी को पीटने लगा, तब फरियादी के भाई सादिक और कमलेश ने बीच-बचाव किया। मारपीट किये जाने के कारण फरियादी को शरीर पर चोटे आई और खुन निकलने लगा, तब मौका पाकर आरोपी वहां से चला। फरियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच केंट पर की, जिस पर से आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 316/2017, धारा 323 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस नीमच केंट द्वारा फरियादी का मेडिकल कराकर, साक्षीयों के कथन लेकर शेष विवेचना उपरांत अंतर्गत चालान न्यायाल में प्रस्तुत किया गया।
रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा अभियोजन की ओर से फरियादी, चश्मदीद साक्षीगण, मेडिकल करने वाले डॅक्टर सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी द्वारा फरियादी के साथ मारपीट किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी द्वारा की गई मारपीट के परिणामस्वरूप फरियादी को आई चोटो की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा आरोपी मो. इम्तियाज उर्फ शानु पिता मो. सलीम, उम्र-34 वर्ष, निवासी-किदवईगंज मोहल्ला, नयाबाजार, जिला नीमच को धारा 323 भादवि (मारपीट करना) में 3 माह के सश्रम कारावास एवं 1000रू जुर्माने से दण्डित किया तथा जुर्माने की राशि 1000रू को फरियादी को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश भी पारित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा की गई।

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