रूपयों के लेनदेन के विवाद के कारण बाप-बेटे के साथ मारपीट करने वाले बाप-बेटे को 6-6 माह का सश्रम कारावास ।

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नीमच। श्री नरेन्द्र कुमार भण्डारी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपीगण बाप-बेटे को रूपयों के लेनदेन के विवाद के कारण बाप-बेटे के साथ मारपीट करने के आरोप का दोषी पाकर 6-6 माह के सश्रम कारावास व 1,500-1,500रू. जुर्मानें से दण्डित किया गया।

श्री विपिन मण्डलोई, ए.डी.पी.ओ. द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 02 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 27.03.2017 को रात्री 9 बजे फरियादी के यादव मण्डी, नीमच स्थित मकान की हैं। फरियादी ललित उसकी पत्नी व दो बच्चे घर के अंदर बैठे थे, की इतनें में आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू व उसका बेटा राहुल दोनों फरियादी के घर में घुसकर बोले कि तु हमारें पैसे क्यों नहीं दे रहा हैं, तो इस पर फरियादी ने कहा की, जब पैसे आयेगे तो दो-चार दिन में दे देगा। इसके बाद दोनों आरोपीगण फरियादी के साथ लात-घुसों से मारपीट करने लगे, फरियादी के चिल्लानें की आवाज सुनकर उसका छोटा लडका अरूण बीच-बचाव करनें आया तो दोनों आरोपी बाप-बेटे नें उसके साथ भी मारपीट की, फिर फरियादी की पत्नी, बडा व पडोसीयों के आ जाने पर आरोपीगण वहां से चले गये। फरियादी नें घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच सिटी पर कि, जिस पर से आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 115/17 अंतर्गत धारा 452, 323, 34 भादस के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। पुलिस नीमच सिटी द्वारा आहतगण का मेडिकल कराने के बाद शेष विवेचना उपरांत चालान नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन की ओर से श्री विपिन मण्डलोई, ए.डी.पी.ओ. द्वारा आहतगण, चश्मदीद सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण द्वारा रूपयें लेनदेन की बात को लेकर आहतगण के साथ मारपीट किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराकर, आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जानें का निवेदन किया। श्री नरेन्द्र कुमार भण्डारी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपीगण (1) जितेन्द्र पिता पन्नालाल डूंगरवाल, उम्र-42 वर्ष व (2) राहुल पिता जितेन्द्र डूंगरवाल, उम्र-19 वर्ष दोनों निवासी-स्कीम नंबर 36, जिला नीमच को धारा 452 भादवि में 3-3 माह के सश्रम कारावास एवं 500-500रू. जुर्माना व धारा 323 भादवि में 3-3 माह के सश्रम कारावास एवं 1,000-1,000रू. जुर्माना, इस प्रकार कुल 6-6 माह का सश्रम कारावास एवं 1,500-1,500रू से दण्डित किया गया, साथ ही आहतगण को 1,500-1,500रू. प्रतिकर प्रदान करने का आदेश भी पारित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री विपिन मण्डलोई, ए.डी.पी.ओ. द्वारा की गई।

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