रेप के आरोपी को मौत की सजा ।

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ग्वालियर। शादी समारोह से 20 जून की रात 6 साल की मासूम का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले दरिन्दे जितेन्द्र कुशवाह को ग्वालियर की स्पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।   कोर्ट ने 13 दिन के ट्रायल में ही यह सजा सुनाई है | मामले में 30 दिन के भीतर 33 लोगों की गवाही कराई गई थी।
20 जून को भिंड से ग्वालियर के कम्पू क्षेत्र में शादी समारोह में शामिल होने आई एक 6 साल की मासूम को अगवा कर कैंसर पहाड़िया पर ले जाकर आरोपी जितेन्द्र कुशवाह ने दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। मासूम के साथ हैवानियत के बाद से ही इसे लेकर लोगों में गुस्सा था। पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और जांच शुर की जिसमे आरोपी बच्ची को शादी समारोह से ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखा जिसके बाद पुलिस ने  आरोपी जितेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।
जितेन्द्र की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए। सभी साक्ष्यों का DNA कराया उसके बाद मामला कोर्ट में पहुँचा जिसके बाद स्पेशल कोर्ट ने 33 लोगों के बयान दर्ज किये। बचाव पक्ष के वकील के सामने कोर्ट मने क्रोस एक्जामिनेशन भी हुआ लेकिन सभी साक्ष्य आरोपी जितेन्द्र के खिलाफ गए।
न्यायालय ने केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुना दी और अपने आदेश में कहा कि आरोपी को तब तक फांसी पर लटकाए रखो जब तक प्राण नही निकल जाते।
पिता ने किया फैसले का स्वागत-
आरोपी जितेन्द्र कुशवाह को फांसी दिए जाने के फैसले का मासूम के पिता ने स्वागत किया है और फैसले को दूसरों के लिए सबक माना है।
हाईकोर्ट में करेंगे अपील-
आरोपी जितेन्द्र को फांसी की सजा के फैसले के बाद आरोपी के वकील का कहना है कि वो फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट में अपील करेंगे। उनका कहना है कि मामला जंगल है कोई प्रत्यक्ष दर्शी नहीं है सिर्फ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जितेन्द्र को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
सीएम से जताई नाराजगी-मासूम के पिता ने आरोपी जितेन्द्र को फांसी की सजा के लिए न्याय प्रक्रिया का आभार माना है लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री से नाराजी जताई है । उनका कहना है की वे मदसौर जा सकते है । यात्रायें निकल सकते है। बड़े बड़े भाषण में बेटियों को भांजी कहते हैं खुद को मामा कहते हैं लेकिन मेरी बेटी के साथ ही हैवानियत के बाद एक बार भी मिलने नहीं आये और ना कोई सरकारी मदद की घोषणा की ।
वीडियो कोंफ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई-स्पेशल कोर्ट में 28 जांच रिपोर्ट पुलिस ने पेश की। 15 दिन चली सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के ब्लड, नाख़ून, सीमन आदि की रिपोर्ट पेश की। मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के शरीर में सीमन पाया गया जो उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि करता है। बच्ची के शरीर पर कुल 19 चोटें मिली। पुलिस ने हत्या वाले दिन बच्ची की फ्राक और उससे निकले मोती भी कोर्ट में पेश किये। पुलिस ने आरोपी के कपड़ों और बच्ची के कपड़ों में मिले खून के धब्बो की रिपोर्ट भी पेश की जिसमे दोनों की रिपोर्ट। पोजिटिव आई यानि आरोपी के कपड़ों पर मासूम के खुनके ही धब्बे थे। हालाँकि आरोपी जितेन्द्र लगातार एक बात ही दोहराता रहा कि वो घटना वाले दिन डबरा में था। लेकिन माननीय न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उसे फांसी की सजा सुना दी।

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