समंदर पटेल ने दिखाया दम, नामांकन दाखिल रैली में उमडे गांव—गांव से हजारों लोग, कलेक्ट्रेट चौराहे पर भीड देखकर कई नेताओं की जमीन खिसकी, पहली बार जावद में बने जातिगत समीकर

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नीमच। जावद विधानसभा सीट से कई सालों से सक्रिय कांग्रेस नेता समंदर पटेल की कांग्रेस पार्टी ने भले ही उपेक्षा की है, लेकिन उनकी तगडी पकड ने यह साबित कर दिया है कि नेता के साथ जब पब्लिक हो तो हौसला बुलंद ही रहता है। जावद से समंदर पटेल ने निर्दलीय चुनाव लडने का ऐलान करते हुए नामांकन दाखिर कर दिया है। समंदर पटेल के साथ हजारों जमीनी कार्यकर्ता, किसान बंधु कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट चौराहे पर इतनी भीड देखकर हर कोई हैरत में पड गया। सभी प्रत्याशियों की भीड मिलाकर अकेले समंदर पटेल की भीड सब पर भारी पड रही थी। जिधर देखो, इधर समंदर भाई संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ है, के गगनभेदी नारे गूंज रहे थे। जोश और उमंग हर कार्यकर्ता के मन में हिलोरे लेती हुई नजर आई। जातिगत समीकरण को देखा जाए तो समंदर पटेल के पलडा भारी बताया जा रहा है। इसके अलावा विपक्षियों से लोग तगडे नाराज है। जातिगत समीकरण ने त्रिकोणीय स्थिति को पैदा कर दिया है वहीं समंदर पटेल समर्थकों में जोश।

मंदसौर संसदीय क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस में बगावत, नीमच, मल्हारगढ, गरोठ से बागी हुए खडे—
मंदसौर संसदीय क्षेत्र में टिकिट वितरण को लेकर कई बडे नेताओं की उपेक्षा की गई है। चाहे भाजपा हो या फिर कांग्रेस। दोनों पार्टियों में निर्दलीय खडे हो गए है। नीमच से दिलीपसिंह परिहार को टिकिट दिए जाने से कई भाजपा नेता नाखुश है। पूर्व विधायक स्वर्गीय खुमानसिंह शिवाजी के बेटे सज्जनसिंह चौहान ने नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस से मल्हारगढ सीट से श्यामलाल जोकचंद मांग कर रहे थे, लेकिन परशुराम सिसौदिया को ऐन वक्त पर टिकिट मिल गया। ऐसे में श्यामलाल जोकचंद ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। गरोठ से वर्तमान विधायक चंदरसिंह सिसौदिया मैदान में उतर गए है। कांग्रेस नेत्री मधु बंसल, नीमच से निर्दलीय चुनाव लड रहे है। मनासा से विज्जू बना निर्दलीय हुंकार भर रहे है। मंदसौर से भी विपिन जैन बगावत कर रहे है।
नीमच और मंदसौर में बडा मुददा है किसान आंदोलन, कौन किस तरह से भुनाएंगे, किस प्रत्याशी पर पडेगी किसान आंदोलन की लपटें ।

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