11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़ प्रभावित चार जिलों में ज्यादा खतरा भोपाल। मध्यप्रदेश में देरी से आया मानसून ( monsoon ) जल्द विदाई लेने के मूड में नहीं है। मौसम विभाग ( imd ) ने 14 अक्टूबर के बाद ही इसकी विदाई की भविष्यवाणी की है, लेकिन 6 अक्टूबर तक अब भी बारिश का दौर जारी रहने की बात कही है। इधर, भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक प्रदेश के 11 जिलों में आने वाले 48 घंटों में भारी बारिश ( heavy rainfall ) हो सकती है। इसके लिए यलो अलर्ट भी जारी किया है। इनमें से चार जिले ऐसे हैं, जहां मानसूनी सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक बारिश वाले रतलाम, नीमच, मंदसौर और आगर मालवा में एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। यह चारों ही जिले पिछले दिनों बाढ़ से घिरे रहे हैं। यहां प्रदेश में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ( India Meteorological Department ) ने अगले 48 घंटों के दौरान 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह भी कहा गया है कि इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर, अलीराजपुर, राजगढ़, उज्जैन, गुना, धार, श्योपुरकलां जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि प्रदेश में मंगलवार सुबह तक 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चलेगी। शेष जिलों में बौछारें मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश से फिलहाल बारिश का दौर जाता नहीं दिख रहा है। प्रदेश के सभी जिलो में बारिश का दौर जारी है, मानसून फिलहाल मजबूत स्थिति में है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक यलो अलर्ट वाले जिलों को छोड़कर बाकी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल सकता है। मौसम विभाग का यह यलो अलर्ट 2 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगा। यहां हुई अत्यधिक बारिश प्रदेश के चार जिले ऐसे हैं जहां पूरे सीजन में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। मंदसौर में सामान्य से 157 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। नीमच में 131 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। जबकि आगरा में 128 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। यह तीनों ही जिलों में मध्यप्रदेश अब तक की सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई है। जबकि मध्यप्रदेश का कुल औसत प्रतिशत 43 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कहां कितनी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान परसवाड़ा में 6, सिवनी में 4, अनूपपुर, शहडोल, पचमढ़ी, अशोकनगर, बागली में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के आंकड़ों में अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। यह है पिछले 24 घंटों का हाल पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहा। इस दौरान जबलपुर, शहडोल, रीवा संभागों के जिलों में ज्यादातर स्थानों पर बारिश हुई। जबकि सागर, ग्वालियर, होशंगाबाद और इंदौर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। बारना के गेट खोले मध्यप्रदेश में जारी बारिश के कारण सभी डैम लबालब हो गए हैं। थोड़ी ही बारिश में इन्हें खोल दिया जाता है। ताजा हालात रायसेन जिले से मिले हैं, जहां बारना डैम के गेट खोल दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश में यह डैम फिर से भर गया था। इसलिए हो रही है अब भी बारिश मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र वाले क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र बना है। यह और अधिक गहरा हो सकता है, साथ ही अबदाब में भी तब्दील हो सकता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में और उससे लगे मध्यप्रदेश के उत्तर में पर भी उपरी हवा का चक्रवात बन गया है। इन दो सिस्टम के कारण बारिश का सिलसिला पूरे प्रदेश में जारी है। रुक-रुककर बौछारें पड़ने का सिलसिला भी 12 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। 14 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे मानसून की विदाई हो जाएगी।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में देरी से आया मानसून ( monsoon ) जल्द विदाई लेने के मूड में नहीं है। मौसम विभाग ( imd ) ने 14 अक्टूबर के बाद ही इसकी विदाई की भविष्यवाणी की है, लेकिन 6 अक्टूबर तक अब भी बारिश का दौर जारी रहने की बात कही है। इधर, भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक प्रदेश के 11 जिलों में आने वाले 48 घंटों में भारी बारिश ( heavy rainfall ) हो सकती है। इसके लिए यलो अलर्ट भी जारी किया है। इनमें से चार जिले ऐसे हैं, जहां मानसूनी सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मध्यप्रदेश में सबसे अधिक बारिश वाले रतलाम, नीमच, मंदसौर और आगर मालवा में एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। यह चारों ही जिले पिछले दिनों बाढ़ से घिरे रहे हैं। यहां प्रदेश में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ( India Meteorological Department ) ने अगले 48 घंटों के दौरान 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह भी कहा गया है कि इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर, अलीराजपुर, राजगढ़, उज्जैन, गुना, धार, श्योपुरकलां जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि प्रदेश में मंगलवार सुबह तक 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चलेगी।

शेष जिलों में बौछारें मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश से फिलहाल बारिश का दौर जाता नहीं दिख रहा है। प्रदेश के सभी जिलो में बारिश का दौर जारी है, मानसून फिलहाल मजबूत स्थिति में है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक यलो अलर्ट वाले जिलों को छोड़कर बाकी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल सकता है। मौसम विभाग का यह यलो अलर्ट 2 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगा।

यहां हुई अत्यधिक बारिश प्रदेश के चार जिले ऐसे हैं जहां पूरे सीजन में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। मंदसौर में सामान्य से 157 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। नीमच में 131 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। जबकि आगरा में 128 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। यह तीनों ही जिलों में मध्यप्रदेश अब तक की सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई है। जबकि मध्यप्रदेश का कुल औसत प्रतिशत 43 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

कहां कितनी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान परसवाड़ा में 6, सिवनी में 4, अनूपपुर, शहडोल, पचमढ़ी, अशोकनगर, बागली में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के आंकड़ों में अभी और बढ़ोतरी की संभावना है।

यह है पिछले 24 घंटों का हाल पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहा। इस दौरान जबलपुर, शहडोल, रीवा संभागों के जिलों में ज्यादातर स्थानों पर बारिश हुई। जबकि सागर, ग्वालियर, होशंगाबाद और इंदौर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।

बारना के गेट खोले मध्यप्रदेश में जारी बारिश के कारण सभी डैम लबालब हो गए हैं। थोड़ी ही बारिश में इन्हें खोल दिया जाता है। ताजा हालात रायसेन जिले से मिले हैं, जहां बारना डैम के गेट खोल दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश में यह डैम फिर से भर गया था।

इसलिए हो रही है अब भी बारिश

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र वाले क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र बना है। यह और अधिक गहरा हो सकता है, साथ ही अबदाब में भी तब्दील हो सकता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में और उससे लगे मध्यप्रदेश के उत्तर में पर भी उपरी हवा का चक्रवात बन गया है। इन दो सिस्टम के कारण बारिश का सिलसिला पूरे प्रदेश में जारी है। रुक-रुककर बौछारें पड़ने का सिलसिला भी 12 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। 14 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे मानसून की विदाई हो जाएगी।

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